अमरीका: ट्रंप सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, मौत की सजा पर लगाई रोक हटाने से किया इनकार

  • अमरीका में आखिरी बार 16 साल पहले मौत की सजा दी गई थी
  • 1998 में अमरीकी सरकार ने मौत की सजा बहाल की थी

वाशिंगटन। भारत समेत कई देशों में अलग-अलग अपराध के लिए मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है, तो कई देशों ने समय के साद खुद में बदलाव करते हुए ऐसी सजा पर रोक लगा दी है।

अब कुछ ऐसा ही मामला अमरीका से सामने आ रहा है। अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पर लगाई रोक को हटाने से इन्कार कर दिया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते थे कि शीर्ष अदालत मौत की सजा को जल्द से जल्द बहाल करने का आदेश दे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और ट्रंप सरकार के न्याय विभाग की योजना पर पानी फिर गया।

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आपको बता दें कि 1998 में अमरीकी सरकार ने मौत की सजा बहाल की थी। तब से लेकर अब तक अमरीका में केवल तीन लोगों को मौत की सजा दी गई है। अमरीका में आखिरी बार 16 साल पहले मौत की सजा दी गई थी।

सोमवार को दिया जाना था मृत्युदंड

बता दें कि अमरीका का न्याय विभाग संघीय अपराधों के लिए मौत की सजा बहाल करना चाहता है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसपर से लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया।

सोमवार (9 दिसंबर) को श्वेत वर्चस्व को मानने वाले डेनियल लुईस को आठ साल की बच्ची समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या करने के 1996 के एक मामले में मौत की सजा दी जानी थी।

शुक्रवार को अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सजा के निष्पादन पर रोक की अपील को निचली अदालतों द्वारा सुना जाना चाहिए।

मृत्युदंड के लिए पेंटोबार्बिटल नामक घातक दवा का होता है इस्तेमाल

आपको बता दें, कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि फिलहाल याचिका खारिज कर दी गई है, लेकिन 60 दिनों के अंदर यदि निचली अदालतों में इस पर कोई फैसला नहीं होता है तो फिर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जा सकती है।

अमरीका: दो दशक के बाद फिर शुरू हुआ मृत्युदंड, पांच को अगले साल सजा-ए-मौत

अटार्नी जनरल बिल बार ने जुलाई में घोषणा की थी कि इंडियाना की जेल में बंद हत्या के पांच दोषियों को मौत की सजा देने के लिए एक नया घातक इंजेक्शन प्रोटोकॉल को अपनाया जाएगा।

मालूम हो कि अमरीका में मृत्युदंड की सजा पाने वाले व्यक्ति को एक इंजेक्शन दिया जाता है। इंजेक्शन पेंटोबार्बिटल नामक घातक दवा का प्रयोग किया जाता है। इन सजाओं का निष्पादन 9 दिसंबर से 15 जनवरी 2020 के बीच किया जाना था।

इन पांच अपराधियों को सुनाई गई है सजा

न्याय विभाग ने पांच खूंखार अपराधियों को मृत्युदंड देना तय किया है। मृत्युदंड की सजा सुनाए गए अपराधियों में डेनियल लेविस ली, लेजमंड मिचेल, वेस्ली इरा पुर्के, अल्फ्रेड बुर्जुआ और डस्टिन ली हॉन्केन शामिल है।

इन सभी पर भयनाक खून और यौन अपराधों के दोषी हैं। इन्हें यह सजा क्रमश: 9 दिसंबर 2019, 11 दिसंबर 2019, 13 दिसंबर 2019, 13 जनवरी 2020 और 15 जनवरी 2020 को दी जानी थी।

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Anil Kumar Content Writing
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