युद्धपोत यूएसएस कोल पर हमले के आरोपी जमाल अल-बदावी की मौत

युद्धपोत यूएसएस कोल पर हमले के आरोपी जमाल अल-बदावी की मौत

सन 2000 में यूएसएस कोल में घातक बमबारी के एक आरोपी जमाल अल-बदावी की मौत की रविवार को पुष्टि की गई

वाशिंगटन। यमन में 'आतंक के खिलाफ' युद्ध में अमरीकी बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अमरीकी युद्धपोत यूएसएस कोल पर हमले का आरोपी जमाल अल-बदावी 1 जनवरी को संयुक्त राज्य अमरीका द्वारा की गई एक सटीक एयर स्ट्राइक में मार डाला गया है। सन 2000 में यूएसएस कोल में घातक बमबारी के एक आरोपी जमाल अल-बदावी की मौत की रविवार को पुष्टि की गई।

अमरीकी बलों को मिली कामयाबी

अमरीका ने अलकायदा के आतंकी जमाल अल-बदावी को मार गिराया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इसकी पुष्टि की। बता दें कि वर्ष 2000 में अमरीकी नौसेना के युद्धपोत यूएसएस कोल पर हुए हमले में वह वांछित था। इस आतंकी वारदात में 17 अमेरिकी नौसैनिक मारे गए थे। यूएसएस कोल पर हमला तब हुआ था जब वह अदन की खाड़ी में था। हमले के कारण यह जहाज डूब गया था। ट्रंप ने ट्वीट किया, 'हमारी सेना ने यूएसएस कोल पर कायरतापूर्ण हमले में मारे गए बहादुरों को न्याय दिलाया है। हमने उस हमले के षड्यंत्रकर्ता जमाल अल-बदावी को मार गिराया है। अलकायदा के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी। हम कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई कभी नहीं छोड़ेंगे।'अल-कायदा के संचालक को 2003 में एक संघीय जूरी द्वारा आरोपित किया गया था। बदावी पर यूएसएस कोल के खिलाफ आतंकवादी हमले में अपनी भूमिका के लिए वांछित होने के अलावा विभिन्न आतंकवाद अपराधों के 50 मामलों का आरोप लगाया था। इस मौके पर सैनिकों की उपलब्धि को सलाम करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लगभग दो दशक पहले "कायरतापूर्ण हमले" में खोए और घायल हुए नायकों के लिए न्याय आ समय आ गया है।

यमन में हुई कार्रवाई

अमरीकी राष्ट्रपति ने सेना की कामयाबी की घोषणा करते हुए कहा, "हमारी मिलिटरी ने यूएसएस कोल पर कायरतापूर्ण हमले में खोए और घायल हुए नायकों को न्याय दिया है। हमने उस हमले के नेता जमाल अल-बदावी को मार दिया है। अल कायदा के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी है। कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हम अपने जीवन में कभी नहीं रुकेंगे।" अक्टूबर 2000 में हुए इस हमले में 17 नाविक मारे गए थे जब अदन में खड़े इस युद्धपोत से विस्फोटकों से भरी एक छोटी नाव में सवार दो लोगों ने आत्मघाती हमला किया था। अल जजीरा ने बताया था कि विस्फोट से जहाज में छेद हो गया और तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। बता दें कि इससे पहले इस आतंकवादी को यमन के अधिकारियों ने पकड़ लिया था, लेकिन अप्रैल 2003 में जेल से भागने में सफल रहा। एक साल बाद उसे पकड़ लिया गया, लेकिन फरवरी 2006 में एक बार फिर भागने में सफल रहा। इस हमले का मुख्य संदिग्ध अब्द अल-रहीम अल-नशीरी क्यूबा के एक अमरीकी शिविर में बंद हैं।

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