ताइवान खाड़ी से होकर गुजरा अमरीकी युद्धपोत, चीन ने जताया ऐतराज

Highlights

  • ताइवान (Taiwan) के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अमरीकी युद्धपोत ताइवान साउथ चाइना सी (South China sea) में नियमित गश्त के लिए आया था।
  • मंत्रालय के अनुसार ताइवान के सशस्त्र बलों ने जहाज को पूरी सुरक्षा प्रदान की।

वाशिंगटन। अमरीका (America) और चीन (China) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण को लेकर पहले से ही तनाव जारी है। वहीं अब ताजा मामले में शुक्रवार को विवादित साउथ चाइना सी में स्थित ताइवान की खाड़ी से होकर अमरीकी युद्धपोत के गुजरने हालात और खराब होने के आसार हैं। बता दें कि चीन शुरू से ही ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है। जबकि, ताइवान ने अपने आप को एक आजाद देश घोषित कर रखा है।

चीन-अमेरिका में बढ़ सकता है तनाव

चीन की सरकार पहले से ही ताइवान को मिल रही अमरीकी मदद से नाराज है। ऐसी स्थिति में ताइवान की खाड़ी में अमरीकी युद्धपोत की मौजूदगी से माहौल और खराब हो सकता है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार को अमरीकी युद्धपोत ताइवान साउथ चाइना सी में नियमित गश्त के लिए आया था। मंत्रालय के अनुसार ताइवान के सशस्त्र बलों ने जहाज को पूरी सुरक्षा प्रदान की। इस पोत का नाम Arleigh Burke-class destroyer यूएसएस रसेल है। ये अक्सर ताइवान के साथ मिलकर गश्त लगाता है।

चीन ने अमरीका को दी थी कड़ी चेतावनी

गौरतलब है कि हाल में ही ताइवानी राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन की जीत को लेकर अमरीका के बधाई संदेश को लेकर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। इस दौरान अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।


ताइवान को अपना हिस्सा मानता है चीन

चीन ताइवान को अपना ही हिस्सा मानता है। चीन इसको काबू में करने के लिए तरह—तरह के हथकंडे अपनाता रहा है। यहां की सरकार सेना के इस्तेमाल पर भी जोर देती आई है। ताइवान के पास अपनी खुद की सेना भी है। इसे अमेरिका का समर्थन भी प्राप्त है। ताइवान में जबसे डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी सत्ता में आई है तबसे चीन के साथ उसके रिश्ते बिगड़े हैं।

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Mohit Saxena
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