विश्व जनसंख्या दिवसः दुनिया में हर साल 8.3 करोड़ बढ़ रही है जनसंख्या, नियंत्रित करना बड़ी चुनौती

विश्व जनसंख्या दिवसः दुनिया में हर साल 8.3 करोड़ बढ़ रही है जनसंख्या, नियंत्रित करना बड़ी चुनौती

बढ़ती आबादी और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर यूएन की रिपोर्ट में कई चौकाने वाला खुलासा हुआ है।

संयुक्त राष्ट्र: तेजी के साथ बढ़ती जनसंख्या पूर्व विश्व के लिए चिंताजनक है। बढती जनसंख्या विकास में अवरोध के साथ-साथ आम जन जीवन को भी प्रभावित कर रही है। साल 2017 में संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामले विभाग के जनसंख्या प्रकोष्ठ ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें विश्व के 233 देशों की आबादी के बारे में जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या चिंताजनक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर इसी तरह देश की आबादी बढ़ती रही तो साल 2025 तक चीन की जनसंख्या से भारत आगे निकल जाएगा।

इस समय इतनी है विश्व की जनसंख्या
विश्व की बढ़ती आबादी और वहां पर मृत्यु दर के आधार पर यूएन ने 2017 में जो रिपोर्ट जारी की उसके अनुसार, इस समय विश्व की जनसंख्या 7.6 अरब से ज्यादा है, जो वर्ष 2030 तक बढ़कर 8.6 अरब और वर्ष 2050 तक 9.8 अरब होने की उम्मीद है। यूएन की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर जनसंख्या इसी गति से बढ़ती रही तो शताब्दी के अंत तक विश्व की जनसंख्या 11.2 अरब हो जाएगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस समय विश्व की आबादी 8.3 करोड़ प्रति वर्ष की रफ्तार से बढ़ रही है।

कैसे होगी जनसंख्या नियंत्रित?
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर के देशों ने जनसंख्या को रोकने के लिए करीब 20 अरब डॉलर खर्च किए हैं जो कि बहुत कम है। रिपोर्ट के अनुसार, विश्व के विकासशील देश जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए कोई बड़ा कदम उठाने में नाकाम साबित हुए हैं। यूएन का मानना है कि जागरुकता और सतर्कता ही जनसंख्या रोकने का एक मात्र उपाय दिखाई देता है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट कहती है, ग्लोबल स्तर पर गर्भनिरोधक दवाइयां, पुरूष और महिला नसबंदी जैसे कई उपायों को करने की संख्त आवश्यकता है ताकि जनसंख्या वृद्धि को रोका जा सके।

Ad Block is Banned