वुहान की युवती ने खुद को संक्रमण से दूर रखते हुए कोरोना पीडि़त मां को बचाया

Highlights

-वह अस्पतालों और आइसोलेशन वार्ड के चक्कर लगाती रही, लेकिन जरूरी सावधानी और समझदारी से उसने कोरोना को मात दी
- युवती ने अपनी कहानी फेसबुक पर साझा की है

 

मोहम्मद इमरान

बीजिंग. कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से दुनिया के 160 से ज्यादा देशों में फैल गया है। लेकिन इसी शहर में एक युवती ने अपनी संक्रमित मां को न केवल स्वस्थ करने में कामयाबी पाई बल्कि ऐसा करने के दौरान उसने खुद को भी इस बीमारी से बचाए रखा। उसकी यह कोशिश दो कारणों से सुर्खियों में है। पहला वुहान में वायरस का सबसे अधिक असर रहा, दूसरा युवती ने बिना चिकित्सकीय सलाह या गहन इलाज के मां को ठीक किया। पांच दिन तक अपनी मां की सेवा करने के बाद जब वुहान के अस्पताल में चिकित्सकों ने इस युवती की जांच की तो पाया वह बिल्कुल स्वस्थ है। जबकि बीते 10 दिन से वह शहर के कई अस्पतालों और आइसोलेशन वार्ड में चक्कर काटती रही। युवती का कहना है कि सबसे जरूरी बात यह है कि हम रोगी के साथ कुछ भी खाएं पीएं नहीं। मैं कोई पेशेवर चिकित्सक या नर्स नहीं हूं, मैं अनुभव के आधार पर सुझाव दे रही हूं। इन्हीं बातों का ध्यान रखकर मैंने अपनी मां की 10 दिनों तक सेवा की है और खुद को भी संक्रमित होने से बचाया है। मेरी मां को ऑब्जर्वेशन वार्ड में 30 जनवरी को भर्ती किया गया था। उन्हें 2 फरवरी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। मैं उन्हें खाना खिलाकर निकल जाया करती और किसी ऐसी जगह खाना खाती जहां कम से कम दो घंटे तक कोई न गुजरे। खाने का समय ही सबसे खतरनाक समय है जब आपको संक्रमण होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है।

इस तरह खुद को संक्रमित होने से बचाया

युवती ने बताया कि इलाज के दौरान उसने चिकनी जैकेट पहन रखी थी, जिसे एल्कोहल या स्पिरिट से आसानी से पोंछा जा सकता है। बाहर निकलने के दौरान उसने एन-95 मास्क को सामान्य मास्क से ढककर रखा। इस तरह उन्होंने दो मास्क का उपयोग किया। बाहरी मास्क को 4 से 5 घंटे में बदल दिया करती थी। युवती ने बताया कि काला चश्मा पहनना भी लाभकारी है। साथ ही बाहर निकलने पर या संक्रमण वाली जगह पर अपने हाथों से चेहरे, आंख, नाक या शरीर के किसी भी हिस्से को न छुएं, हाथों में डिस्पोजल दस्ताने पहनें। इससे सीधे संक्रमण की चपेट में आने से बचेंगे। मास्क या दस्ताने बदलते समय, सावधानी बरतें कि वह आपकी त्वचा के संपर्क में न आए। अस्पाल में जाने और आने के दौरान हाथों को सेनेटाइजर से अच्छी तरह साफ कर लें। बाहर पहन के गए कपड़ों को बालकनी या घर के बाहर ही टांग दें। पैंट और जुराब या रुमाल जैसे कपड़ों को वॉशिंग मशीन में डाल दें। तुंरत धोकर उन्हें एक घंटे सुखाएं। अगले दिन अगर फिर बाहर उन्हीं कपड़ों को फिर से पहन लें। मैंने ये कपड़े 16 दिन से पहन रखे हैं। हालंाकि मैं इन्हें रोज धो लेती थी।

घर में ऐसे रहें सावधान

पौधों को पानी देने वाले घर के फव्वारे में भी एल्कोहल मिलाकर पौधों पर छिडक़ाव करें। ऐसा ही अपने घर, दरवाजों, हेंडल, कार, बाइक, कपड़ों और बहुत ज्यादा उपयोग किए जाने वाले सामान पर छिडक़ाव करें। लेकिन ऐसा करते समय इलेक्ट्रिसिटी से बचें या उन्हें स्विच ऑफ कर देें क्योंकि स्पिरिट या एल्कोहल आग पकड़ सकते हैं या उनमें विस्फोट भी हो सकता है। स्पे्र करने से बेहतर आहिस्ता से पोंछना है जैसे इंजेक्शन लगाने से पहले नर्स त्वचा पर स्पिरिट से साफ करती है।

Ruchi Sharma
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