अंग्रेजी ही नहीं, अब हिंदी में भी बना सकेंगे ईमेल आईडी

 अंग्रेजी ही नहीं, अब हिंदी में भी बना सकेंगे ईमेल आईडी
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Anil Kumar Jangid | Updated: 01 Aug 2016, 11:09:00 AM (IST) ऐप

भारत सरकार की योजना के अनुसार अब आप ईमेल आईडी हिंदी समेत कई देशी भाषाओं में भी बना सकेंगे

नई दिल्ली। अब आप अपना ईमेल एड्रेस हिंदी समेत अन्य देशी भाषाओं में भी बना सकेंगे। यदि भारत सरकार की योजना कामयाब रहती है, तो आप गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और रेडिफ जैसी अमरीकी टेक्नोलॉजी कंपनियां आपकी पसंद के अनुसार आपको देसी भाषा में ईमेल एड्रेस बनाने की सुविधा दे सकती है। सरकार ने पिछले महीने बुलाई गई बैठक में ईमेल सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा कि वे स्थानीय भाषाओं खासतौर पर हिंदी में ईमेल एड्रेस मुहैया कराने की जाए। दरअसल, सरकार को लगता है कि जब देश में इंटरनेट अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रहा है, तो स्थानीय भाषाओं से जुड़ा कॉन्टेंट और टूल होना जरूरी है।

अंग्रेजी नहीं जानना है वजह
इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड आईटी मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रेटरी राजीव बंसल ने बताया कि अगले कुछ सालों में 2,50,000 ग्राम पंचायतों को भारत नेट प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। लेकिन जब लोगों तक इंटरनेट पहुंचेगा, तो वे क्या करेंगे? देश में कितने लोग वास्तव में अंग्रेजी पढ़ या टाइप कर सकते हैं? मीटिंग में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और रेडिफ जैसी फर्मों के एग्जिक्युटिव्स भी शामिल हुए।

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बन सकता है हिंदी में ईमेल
इस मीटिंग में राय दी गई कि देवनागरी जैसे बाकी भाषाओं की लिपि में ईमेल एड्रेस बनाना मुमकिन है। हालांकि, सरकार को इसे अनिवार्य बनाने के बजाय इंडस्ट्री को इस मामले में अपनी तरफ से पहल करने देना चाहिए। माइक्रोसॉफ्ट का दावा है कि इसके ऑफर इंटरनेट एक्सफ्लोरर 11 का हालिया वर्जन इंटरनैशनल ईमेल एड्रेस को सपोर्ट करता है, वहीं जीमेल ने वैसे ईमेल एड्रेस की पहचान शुरू कर दी है, जिसमें चाइनीज या देवनागरी जैसे गैर-लैटिन कैरक्टर भी हों। माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता ने ईमेल के जरिये बताया कि वह उस सॉल्यूशन को डिवेलप करने को लेकर प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल की मदद से आर्थिक मौके और आईटी स्किल बनते हों। प्रवक्ता ने कहा कि इंटरनेट एक्सप्लोरर 11, माइक्रोसॉफ्ट एज और एमएस आउटलुक 2016 के मौजूदा वर्जन सभी हिंदी समेत तमाम भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं।

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कम करनी होगी इंटरनेट की कीमत
रीडिफ के सीईओ अजीत बालाकृष्णन ने कहा कि हिंदी समेत स्थानीय भाषाओं में ईमेल एड्रेस अच्छी बात है, लेकिन सरकार को पहले इंटरनेट की कीमत कम करनी चाहिए, ताकि यह अधिक लोगों तक पहुंचे। एक और एग्जिक्युटिव ने नाम जाहिर नहीं किए जाने की शर्त पर बताया कि प्रेशर पडऩे पर टेक कंपनियां इस तरह के सॉल्यूंशस को अमल में ला सकती हैं, लेकिन सबसे पहले सरकार को ही हिंदी में ईमेल आईडी को बढ़ावा देकर पहल करनी चाहिए।
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