गांव में एंड्रॉयड का दबदबा खत्म कर देगा ये हिंदी वाला ऑपरेटिंग सिस्टम

 गांव में एंड्रॉयड का दबदबा खत्म कर देगा ये हिंदी वाला ऑपरेटिंग सिस्टम

Anil Kumar Jangid | Publish: Aug, 08 2016 03:32:00 PM (IST) मोबाइल

एंड्रॉयड ओएस अंग्रेजी में काम करता है जबकि इंडस ओएस 12 भाषाओं में काम करता है

नई दिल्ली। जहां तक भारत में शहरों की बात है वहां अंग्रेजी भाषा वाले एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम को काम में लेने में यूजर्स को ज्यादा दिक्कत नहीं आती है। लेकिन अगर यही बात गांव के स्मार्टफोन यूजर्स के लिए की जाए तो उन्हें यह ओएस अंग्रेजी में होने के कारण यूज करने में असहजता महसूस होती है। इसी वजह से अब एक नया मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम गांवों में अपना रंग जमाने की कोशिश कर रहा है। इंडस नाम से आया यह मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम भारत समेत दूसरे देशों में ऐसे लोगों तक अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को पहुंचाने की कोशिश कर रहा है जो एंड्रायड का स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं क्योंकि वो अंग्रेजी में है।

12 भाषाओं में काम करता है इंडस ओएस
इंडस ओएस 12 भाषाओं में मिलने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम है। इस ओएस हाल ही में लॉन्च किए माइक्रोमैक्स केनवस यूनाइट 4 प्लस में दिया गया है। इसके अलावा अन्य कम कीमत वाले कई स्मार्टफोन में भी ये ऑपरेटिंग सिस्टम दिखाई देने लगा है। यह ओएस ऐसे मार्केट तक पहुंच रहा है जहां एंड्रॉयड और गूगल का ही एंड्रॉयड वन नहीं पहुंच पाए हैं।

एंड्रॉयड का 80 फीसदी मार्केट
क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले लोगों तक पहुंचने का रास्ता सिर्फ यही है क्योंकि अंग्रेजी उन्हें आती नहीं है। भारत के स्मार्टफोन के मार्केट  में एंड्रॉयड का 80 फीसदी हिस्सा है। लेकिन उसके बाद भी इंडस को अपने लिए मार्केट मिल रहा है जिसकी वजह यही है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन की भाषा अंग्रेजी में होती है इसलिए यह गांवों के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय नहीं हो पा रहा है। इंडस ओएस वाले स्मार्टफोन इस कमी को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

टेक्सट टू स्पीच फीचर है खास
टेक्स्ट टू स्पीच फीचर यानी स्मार्टफोन में बोलिये और वो खुद टाइप कर ले, इस फीचर ने भी लोगों के लिए इसे इंडस को काफी आसान बना दिया है। 12 भाषाओं में काम करने वाले ये स्मार्टफोन का ओएस और भाषा में भी जल्दी मिलेगा। भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत ये काफी अहम हो सकता है। अगले पांच साल में इंडस ओएस को उम्मीद है कि 30 करोड़ लोग इस ऑपरेटिंग सिस्टम को काम में ले रहे होंगे।
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