भाजपा के इस सांसद ने कहा, इस वजह से नहीं हो रहा विकास का काम

भाजपा के इस सांसद ने कहा, इस वजह से नहीं हो रहा विकास का काम

jai prakash | Publish: Jun, 14 2018 11:34:30 AM (IST) Moradabad, Uttar Pradesh, India

सांसद ने कहा कि हां ये बात है,मेयर और नगर आयुक्त के बीच विवाद से शहर के विकास कार्यों में बाधा आ रही है ।

मुरादाबाद:2019 के लोकसभा चुनावों की आहट के साथ ही अब नेताओं ने जनता की परिक्रमा शुरू कर दी है। खासकर सत्तारूढ़ भाजपा ने अभी से जन चौपाल के माध्यम से अपनी पैठ बनाना शुरू कर दी है । जिसमें क्या मंत्री सांसद विधायक तक प्रदेश व केंद्र सरकार की योजनाओं का गुणगान जनता के सामने कर रहे हैं। वहीँ इस क्रम में वे अपने नेताओं की चूक भी स्वीकार कर रहे हैं। जी हां कुछ ऐसा ही एक वीडियो मुरादाबाद सांसद सर्वेश सिंह का इन दिनों स्थानीय सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें वो भाजपा के मेयर और नगर आयुक्त में टकराव को स्वीकार कर रहे हैं। यही नहीं इसकी वजह से शहर के विकास से जुड़े काम भी रुकना उन्होंने स्वीकार किया। जिसे उन्होंने जल्द सुलझाने का दावा भी किया। इसके बाद भाजपा नेताओं और अधिकारीयों की इस जंग में विपक्षी भी खूब हाथ धो रहे हैं । जबकि भाजपाइयों को जबाब देते नहीं बन रहा ।

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चौपाल में बोले थे सांसद

करीब दो दिन पहले सांसद सर्वेश सिंह ने स्थानिय्ब पार्षदों के साथ रामगंगा विहार और नवीन नगर में जन चौपाल आयोजित की थी । जिसमें उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और योगी सरकार द्वारा कराये गए विकास कार्यों से लोगों को रूबरू करवाया । लेकिन इसी बीच किसी ने शहर में साफ़ सफाई और विकास कार्यों के ठप होने पर भाजपा महापौर विनोद अग्रवाल और नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा के बीच चल रही अदावत का सवाल उठाया । जिस पर सांसद ने कहा कि हां ये बात है,मेयर और नगर आयुक्त के बीच विवाद से शहर के विकास कार्यों में बाधा आ रही है । लेकिन वो ऐसा होने नहीं देंगे । कोई न कोई रास्ता निकालेंगे । चूंकि मेयर विनोद अग्रवाल को सांसद सर्वेश का करीबी समझा जाता है,बावजूद इसके मेयर के खिलाफ सांसद के इस बोल के कई राजनितिक मायने अब स्थानीय राजनीति में निकाले जा रहे हैं ।

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मेयर और आयुक्त में चल रहा है शीत युद्ध

यहां बता दें कि नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा और मेयर विनोद अग्रवाल में पटरी नहीं बैठ पा रही । पिछले दिनों जब नगर आयुक्त छुट्टी पर गए तो मेयर ने अपर नगर आयुक्त से बीस करोड़ के टेंडर पास करवा दिए । लेकिन छुट्टी से लौटते ही नगर आयुक्त ने उस पर सवाल खड़े कर दिए । जिसके बाद उन्हें वापस लिया गया ।यही नहीं दोनों सार्वजनिक मंच साझा करने से भी बच रहे हैं ।इसका असर शहर में साफ़ सफाई और निर्माण कार्यों पर भी दिख रहा है । नए कार्यों के टेंडर नहीं पड़ पा रहे हैं ।इससे स्थानीय भाजपा नेताओं को जबाब देते नहीं बन पा रहा ।

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