घोटाला: बिना सड़क बने ही कागजों में हो गयी पास, इस तरह हुआ खुलासा

सड़क निर्माण में ठेकेदार और जेई की मिलीभगत से नगर निगम ने बिना सड़क बनाये ही ठेकेदार को भुगतान कर दिया ।

By: jai prakash

Published: 20 Jul 2018, 04:33 PM IST

मुरादाबाद: विवादों में रहने वाले नगर निगम का एक और कारनामा सामने आया है। विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से नगर निगम को लगभग सात लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सड़क निर्माण में ठेकेदार और जेई की मिलीभगत से नगर निगम ने बिना सड़क बनाये ही ठेकेदार को भुगतान कर दिया । शिकायत के बाद कि गयी जांच में मामला सामने आने के बाद नगर आयुक्त ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जेई को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।

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यहां कराया गया था काम
मुरादाबाद जनपद के वार्ड 28 लाइनपार में नगर निगम द्वारा सड़क का निर्माण कराया गया था। सड़क निर्माण के लिए आमंत्रित निविदाओं के बाद श्री ओम कंस्ट्रक्शन नाम की कम्पनी को सड़क निर्माण की अनुमति दी गई। कम्पनी के ठेकेदार ने सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया लेकिन कुछ दिनों बाद अधूरा काम छोड़कर चला गया। स्थानीय लोगों ने जब मेयर से मामले की शिकायत की तो मेयर ने नगर आयुक्त से मामले की जांच करने को कहा। नगर आयुक्त द्वारा की गई जांच में जो तथ्य सामने आए उसे देख नगर आयुक्त भी हैरान रह गए। नगर निगम द्वारा ठेकेदार को सड़क निर्माण का पूरा भुगतान कर दिया गया था यहां तक कि फाइनल रिपोर्ट में नगर निगम के जेई ने स्थलीय निरीक्षण करने और सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने की पुष्टि की थी।

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पार्षद की शिकायत पर हुआ खुलासा
नगर निगम के वार्ड-28 में सामने आए इस घोटाले की शिकायत सबसे पहले पार्षद अनुज गुप्ता ने की थी। अनुज गुप्ता के मुताबिक सड़क निर्माण का कार्य प्रकाशनगर में किया जाना था, लेकिन जब स्थानीय लोगों ने अधूरी सड़क बनाये जाने की शिकायत की तो उन्होंने मेयर से मामले की शिकायत कर जांच करने को कहा। नगर आयुक्त द्वारा की गई जांच में खुलासा हुआ की सौ मीटर सड़क निर्माण की जगह महज पैंतीस से चालीस मीटर सड़क बनाई गई थी। इस अधूरे निर्माण पर ही जेई विकास कुमार ने अपनी फाइनल रिपोर्ट समिट कर ठेकेदार के खाते में पूरा भुगतान ट्रांसफर करवा दिया था।

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आरोपी कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
नगर आयुक्त की जांच में मामले का खुलासा होने के बाद श्री ओम कंट्रक्शन कम्पनी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है जबकि जेई विकास कुमार के निलंबन की संस्तुति की गई है। नगर आयुक्त के मुताबिक घोटाले के आरोपी ठेकेदार और कंस्ट्रक्शन कंपनी से भुगतान किए गए रकम की वसूली की जाएंगी। नगर निगम अधिकारी आरोपी ठेकेदार और कम्पनी द्वारा नगर निगम में किये जा रहे और कार्यो की भी जांच कर रहे है।

 

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