पीएम मोदी के इस सपने को पूरा कर रहे यहां के किसान

केचुए का पालन कर न सिर्फ अपने खेतों को उपजाऊ बना रहे है बल्कि केंचुआ पालन कर अपनी आय भी दुगनी कर रहे है।

By: jai prakash

Published: 20 Jul 2018, 08:03 PM IST

मुरादाबाद: देश को आज़ाद हुये कई साल बीत चुके है । लेकिन आज भी देश की 65 फीसदी आबादी कृषि पर ही निर्भर है। कृषि ही उनके लिए ही रोजगार है और उनकी पहचान भी । ऐसे ही किसानों में से एक है मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना के ग्राम सहुनगला के किसान रफीउद्दीन। जो प्राचीन काल से ही किसानों के मित्र केचुए का पालन कर न सिर्फ अपने खेतों को उपजाऊ बना रहे है बल्कि केंचुआ पालन कर अपनी आय भी दुगनी कर रहे है।

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पहले रहते थे परेशान

पिछले 10 साल से अधिक समय से केचुए पालन कर अपनी आय दुगनी करने वाले रफीउद्दीन का कहना है कि पहले बह अपनी आय को बढ़ाने के लिये चिंतित रहा करते थे । और फिर एक दिन बह अपने तमाम सवाल लेकर कृषि विभाग के ऑफिस पहुंचे और कृषि अधिकारियों से पूछा कि कैसे वह अपनी आय बढ़ा सकते है । जिसके जबाब में कृषि अधिकारियों ने रफीउद्दीन को जैविक खाद और केचुआ पालन की जानकारी दी । जानकारी प्राप्त कर केचुआ पालन का प्रशिक्षण भी लिया । प्रशिक्षण प्राप्त कर बह घर पहुंचे और अपने घर के एक कोने में केचुआ पालन शुरू किया । कुछ दिन में देखते ही देखते बहुत अच्छी मात्रा में केचुआ पैदा होने के साथ ही साथ बहुत अच्छी जैविक खाद भी प्राप्त होने लगे । उस खाद को उन्होंने अपने खेतों में डाला तो उनके कृषि कार्यो में होने वाले खर्चो में कमी तो आयी है साथ ही उनकी खेती भी पहले के मुकाबले बहुत अच्छी हुई।

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फिर शुरू किया ये काम

खेती के अच्छा होने से उत्साहित किसान ने केचुए पालन के काम को और बढ़ाया घर के कोने से शुरू किये गये काम को अपने खेतों में क्यारी बना कर शुरु कर दिया। आज वह मुरादाबाद के आस पास के जिलों में केचुओ और उससे बनी खाद को सप्लाई कर अपनी आय को दुगना कर रहे है। यही नही अब आस पास के जिलो के किसान भी केचुए पालन की जानकारी लेने पहुंचते है।

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अधिकारी भी खुश

केंचुये पालन से समृद्धि की दिशा की तरफ चल पड़े किसान रफीउद्दीन की सफलता को देखकर किसान और जिले के कृषि अधिकारी भी बहुत खुश है। उनका भी मानना है कि अगर किसान केंचुआ पालन जैविक खाद का प्रयोग अपने खेतों में करने लगे तो किसान की आय तो दुगनी होगी ही। साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2022 तक किसानों की आय दुगना करने का सपना भी साकार हो जायेगा ।

 

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