Ganesh chaturthi 2018: इस शहर में घर से लेकर पंडालों में सजने लगे गणपति

Ganesh chaturthi 2018: इस शहर में घर से लेकर पंडालों में सजने लगे गणपति

Jai Prakash | Publish: Sep, 11 2018 01:05:14 PM (IST) Moradabad, Uttar Pradesh, India

महानगर में तैयारियां शुरू हो चुकी। घरों से पंडालों तक गणपति पधारने लगे हैं। छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी मूर्ति भी भक्तों के लिए मौजूद है।

मुरादाबाद: गणेश चतुर्थी का पर्व 13 सितम्बर को है जिसको लेकर महानगर में तैयारियां शुरू हो चुकी। घरों से लेकर पंडालों तक गणपति पधारने लगे हैं। यही नहीं इन दिनों बड़ी संख्या में बाहर से आये मूर्ति कलाकार गणेश की विभिन्न मूर्तियां लेकर महानगर पहुंचे हैं। जिसमें छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी मूर्ति भी गणपति के भक्तों के लिए मौजूद है। जिनकी कीमत सौ रूपए से लेकर दस हजार तक है। बड़ी संख्या में लोग गणपति की मूर्ति खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं।

बड़ी खबर: इस वजह से महागठबंधन से अलग हुईं मायावती

इस दिन से शुरू होगा महोत्सव

गणेश उत्सव 13 से शुरू होकर अगले कई दिनों तक चलेगा जिसमें लोग घरों में गणपति की स्थापना और पूजा के साथ उसका समापन विसर्जन के साथ करेंगे। महानगर में लगभग सभी जगहों पर इसब समय गणपति की धूम देखने को मिल रही है। दिल्ली रोड हरिद्वार रोड और मझोली स्थित खुशहालपुर में बड़ी संख्या में कलाकार इस समय मूर्तियां बना रहे हैं। जिन्हें खरीदने के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश से आये मूर्ति कलाकार लक्ष्मण ने बताया पंडालों के लिए बड़ी मूर्ति की डिमांड ज्यादा है जबकि घर के लिए लोग एक फिट या फिर दो फिट की मूर्ति पसंद कर रहे हैं।

Petrol Price in Noida UP : यूपी में आज का पेट्रोल रेट क्या है पेट्रोल की कीमत 80.80 प्रति लीटर हो गए है।

 

यहां लगते हैं पंडाल

महानगर में सबसे पड़ा गणपति पंडाल लाइनपार में लगता है और यहां गणेश उत्सव सप्ताह भर से अधिक समय तक चलता है। इसके अलावा मंडी चौक और रामगंगा विहार में भी गणेश महोत्सव का आयोजन होगा। इसी के तहत ही पुलिस प्रशासन ने भी सभी थानों को अलर्ट जारी कर दिया है कि गणेश विसर्जन और मोहर्रम के दौरान सतर्क रहें कहीं कोई गड़बड़ नहीं होनी चाहिए।

इस IPS की लव मैरिज का हुआ था ऐसा भयानक अंजाम, सुनकर कांप जाएगी रूह

विधि विधान से करें पूजा

गणेश चतुर्थी से गणपति की स्थापना के साथ मुहूर्त में पूजा अर्चना शुरू हो जायेगी और फिर उसके बाद विधि विधान से उनका विसर्जन भी होगा। शाश्त्रों के अनुसार गणपति सभी कष्टों को हरने वाले हैं इसलिए उनकी पूजा किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले की जाती है। इसलिए भगवान गणपति का विशेष महत्व है।

Ad Block is Banned