अखिलेश गुट से जिलाध्यक्ष बनने को लेकर मुलायम के खेमे में मायूसी

अखिलेश गुट से जिलाध्यक्ष बनने को लेकर मुलायम के खेमे में मायूसी

पद मिलते ही जिलाध्‍यक्ष ने विधानसभा प्रभारी और नगर अध्‍यक्ष पर गिराई गाज

मुरादाबाद. जैसा कि अंदेशा जताया जा रहा था की अखिलेश यादव गुट हरी झंडी मिलते ही चौंकाने वाले फैसले लेगा और हुआ भी ऐसा ही। जनपद में जिला अध्यक्ष को लेकर चल रही रार में नया मोड़ उस वक्त आ गया जब प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने सूबे के छह जिला अध्‍यक्षों के साथ ही मुरादाबाद के मौजूदा जिला अध्यक्ष अथर अली अंसारी को हटाते हुए उनकी जगह पूर्व जिला अध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी को जिला अध्यक्ष नियुक्‍त किया। पत्र मिलते ही सपा के एक गुट में मायूसी छा गयी। यहां बता दें कि दो दिन पहले ही निवर्तमान जिला अध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी ने जिला कार्यालय पहुंचकर मौजूदा जिला अध्यक्ष को मानने से इनकार कर दिया था, यही नहीं प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव का फोटो तक हटा दिया गया था, लेकिन कुछ नेताओं के कहने पर दोबारा लगा दिया था।

लखनऊ में सपा में जारी उठापटक का सबसे ज्यादा असर मुरादाबाद में भी देखने को मिल रहा है। यहां अखिलेश और अब मुलायम खेमे में बंटे सपाई अपने अपने खेमों के साथ दंगल में उतर आये हैं। दो दिन पहले दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री हाजी इकराम कुरैशी जिला कार्यालय पर पहुंचे थे और वर्तमान जिला अध्यक्ष अथर अली अंसारी के अध्यक्ष पद पर सवाल उठाया था, चूंकि अब सूबे में विधायकों और नेताओं का समर्थन प्राप्त अखिलेश खेमा अब अपने फैसले भी ले रहा है। इसी के तहत मुरादाबाद समेत छह जिलो में सपा की कमान फिर उन्हीं लोगों को सौंप दी गयी जो मुख्यमंत्री अखिलेश के नजदीकी थे। इनमें हाजी इकराम कुरैशी भी शामिल हैं।

हाजी इकराम कुरैशी ने सूचना मिलते ही अपने तेवर जता दिए हैं और उन्होंने ठाकुरद्वारा विधानसभा अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव व नगर अध्यक्ष सलीम अब्बासी को तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया। फ़िलहाल सपा में जारी ये खेमेबंदी कहां जाकर रुकेगी कुछ पता नहीं, लेकिन इसने स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और नेताओं में कड़वे बीज जरुर बो दिए हैं।
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