scriptप्लानिंग के तहत की गई थी इमाम की हत्या, किसी ने नहीं सुनी गोली की आवाज, मोबाइल में दफ्न कत्ल का राज | Imam Akram Murder in Moradabad | Patrika News
मुरादाबाद

प्लानिंग के तहत की गई थी इमाम की हत्या, किसी ने नहीं सुनी गोली की आवाज, मोबाइल में दफ्न कत्ल का राज

Moradabad News: उत्तर प्रदेश के जनपद मुरादाबाद के भैंसिया गांव में मस्जिद के इमाम मौलाना मो. अकरम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह उनका शव घर के बाहर खंडहर नुमा मकान में पड़ा मिला।

मुरादाबादJun 12, 2024 / 06:56 pm

Mohd Danish

Imam Akram Murder in Moradabad

Imam Akram Murder in Moradabad

Imam Murder In Moradabad: मुरादाबाद में इमाम मो. अकरम और उनके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी सामने नहीं आने के कारण पुलिस और एसओजी ने पूरा फोकस तावीज के एंगल पर कर दिया है। इमाम पीर मुरीदी थे। जिस कारण बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उनसे तावीज और डोरी बनवाने आते थे। वह देर रात होने के बाद भी किसी को अपने घर से नहीं लौटते थे।
पुलिस की एक टीम इमाम के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। पिछले दो दिन किन-किन नंबरों से इमाम के मोबाइल पर कॉल आई थी, जिसकी भी जांच की जा रही है। रामपुर के मसवासी गांव से इमाम के परिजन और गांव के तमाम लोग भैंसिया गांव पहुंचे। परिजनों ने बताया कि मसवासी गांव में परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।
इमाम मो. अकरम के पीर हाजी मोहम्मद उमर रेलवे से सेवानिवृत्त थे। वह मुगलपुरा क्षेत्र में रहते थे। इमाम को उन्होंने खलीफा घोषित किया था। पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है कि जिस वक्त इमाम को खलीफा घोषित किया गया था, उस समय कितने लोग दावेदार थे, जो मिलने आते थे।
इमाम भैंसिया गांव की बड़ी मस्जिद के इनाम थे। इसके अलावा वह ताबीज और डोरी भी बनाते थे। दो मंजिल बने मकान की ऊपरी मंजिल पर इमाम का परिवार रहता है जबकि ग्राउंड फ्लोर पर उन्होंने ताबीज और डोरी बनवाने वाली महिला और पुरुषों के लिए बैठक बना रखी थी। यहां से ताबीज और डोरी बनवाने वाले बैठते थे।
यह भी पढ़ें

अवैध संबंध के शक में पिता ने मारी थी नाबालिग बेटी को गोली, चौंकाने वाला सच सामने आने पर पुलिस भी हैरान

प्लानिंग के तहत की गई हत्या

इस हत्याकांड को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया है। इमाम की पत्नी अपने तीन बच्चों को लेकर मायके गई थी। आस पड़ोस के लोगों ने भी फायरिंग की आवाज नहीं सुनी। लोगों का कहना है कि घटनास्थल के बराबर ही मुरादाबाद दिल्ली रेल लाइन है। दो से चार बजे के बीच कई ट्रेनें गुजरती हैं।
हो सकता है कि जिस वक्त गोली मारी हो, उस वक्त भी कोई ट्रेन गुजरी होगी। जिस कारण ट्रेन गुजरने के शोर में गोली की आवाज दब गई होगी। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि मोबाइल की कॉल डिटेल से भी हत्या का सुराग मिलने की उम्मीद है। हमारी टीमें हर बिंदु पर जांच कर रही हैं।

Hindi News/ Moradabad / प्लानिंग के तहत की गई थी इमाम की हत्या, किसी ने नहीं सुनी गोली की आवाज, मोबाइल में दफ्न कत्ल का राज

ट्रेंडिंग वीडियो