योगी जी, यूपी के इस स्‍कूल में नहीं दिखते बच्‍चे, बल्कि पल रही हैं मुर्गियां- देखें हैरान कर देने वाला वीडियो

  योगी जी, यूपी के इस स्‍कूल में नहीं दिखते बच्‍चे, बल्कि पल रही हैं मुर्गियां- देखें हैरान कर देने वाला वीडियो
rampur school

क्‍लास में रखे गए हैं उपले, एक कमरे में रखा है पशुओं का चारा

जय प्रकाश, रामपुर। सूबे में योगी सरकार भले ही प्राथमिक शिक्षा की तस्वीर बदलने का दावा कर रही हो, लेकिन हकीकत अभी भी इससे कोसों दूर है। कुछ ऐसा ही हाल रामपुर जनपद में देखने को मिल रहा है। यहां दबंगों ने सरकारी स्कूल पर कब्जा कर उसे मुर्गी फार्म में तब्दील कर दिया है। यही नहीं उपले पाथने के साथ ही रेत और बजरी का गोदाम भी इसे बना डाला है, जबकि मानसून आने को है और कई तरह की संक्रामक बीमारियां इस सीजन में फैल जाती हैं। अब जुलाई के पहले सप्ताह से स्कूल में बच्चे भी पढ़ने आने लगेंगे, जबकि अधिकारी इस सबसे अपने को अनजान बता रहे हैं।



रामपुर के सैदनगर ब्लॉक के दर्शनपुर गांव में स्‍कूल 2006-07 में गांव के बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए बनवाया गया था। प्राथमिक विद्यालय भवन को बने 10 साल हो गए लेकिन यहां न बच्चे हैं और न ही शिक्षक, और न ही वहां पढ़ाई हो रही है। यहां हो रहा है मुर्गी पालन। सुनकर शायद आप यकीन न करें इसलिए हम आपके सामने यह तस्वीरें लाए हैं। प्राथमिक विद्यालय के भवन में इंसान के नहीं बल्कि मुर्गियों के बच्चों का शोर सुना ना जा सकता है।

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यही नहीं स्कूल भवन में मुर्गियां तो पाली ही जा रही हैं, साथ ही उपले (कंडे) भी एक कक्ष में सुरक्षित रखे गए हैं। एक क्‍लास में जानवरों के खाने के लिए भूसा भी भरा हुआ है, तो स्कूल के एक कक्ष को निवास के लिए भी प्रयोग किया जा रहा है।

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यह तो स्कूल की कक्षाओं का हाल है। अब जरा प्रांगण का नज़ारा भी कर लीजिये। यहां रेत व बजरी स्टोर किया गया है तो कुछ लोगों ने यहां ट्रक खड़ा कर रखा है। अब ज़रा गांव के प्रधान सरफराज अहमद की भी सुन लीजिए। प्रधान जी स्कूल में मुर्गी फार्म चलाए जाने को अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था बता कर टाल देना चाहते हैं।

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प्रधान की मानें तो स्कूल भवन की इस हालत के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी जिम्मेदार हैं। अधिकारियों को कई बार लिख कर दिया गया लेकिन न तो शिक्षकों की नियुक्ति ही की गई है और ना ही भवन की मरम्मत को धन ही दिया जा रहा है। रामपुर के जिलाधिकारी से जब स्कूल की इस हालत की बाबत पूछा तो उन्होंने इसके लिए ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार ठहराया। अब मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने दो शिक्षकों को निलंबित करते हुए प्रधान के सभी वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं।
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