सीओ ने की अभद्रता, नाराज किसान धरने पर बैठे

सीओ सिविल लाइन को हटाने की मांग पर अड़े किसान

By: lokesh verma

Published: 22 Aug 2017, 04:21 PM IST

मुरादाबाद. सीओ सिविल लाइन द्वारा किसानों से अभद्रता करने का मामला प्रकाश में आया है। दरअसल जालसाजी के एक मामले में पीड़ित पक्ष को लेकर किसान सीओ सिविल लाइन के पास आए थे। किसानों का कहना है कि इस दौरान सीओ ने पीड़ित पक्ष से अभद्रता की है। इससे किसान नाराज हो गए और सीओ आॅफिस के अंदर धरना देकर बैठ गए। किसानों ने सीओ सिविल लाइन को हटाने की मांग पर अड़ गए। बता दें कि पहले भी कई बार सीओ रईस अख्तर विवादों में रह चुके हैं।

जानकारी के अनुसार मुरादाबाद के मूंढापांडे थाना क्षेत्र के रहने वाले राजकुमार नाम के युवक ने एक अखबार में एसएमआई कम्पनी का विज्ञापन देखा जिसमें लिखा था। मार्केटिंग के लिए युवकों की आवश्यकता है शुरुआती वेतन नौ हजार से शुरू। राजकुमार ने जब कंपनी में जाकर सम्पर्क किया तो कंपनी मैनेजर ने बताया कि आपको शुरुआत में 9000 रुपये वेतन दिया जाएगा। अगर तुम्हारा काम सही रहा तो छह माह बाद आपका वेतन 25 हजार कर दिया जाएगा। कंपनी ज्वाइन करते समय आपको अपने सभी ऑरिजनल शैक्षिक डॉक्यूमेंट जमा करने पड़ेंगे। वह तीस जुलाई को अपने डॉक्यूमेंट जमा कर काम करने लगा था, लेकिन कुछ दिन बाद राजकुमार को लगा कि कहीं मेरे ऑरिजनल डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल न हो जाए। इसलिए राजकुमार ने मैनेजर प्रदीप कुमार से नौकरी नहीं करने की बात कही और डॉक्यूमेंट वापस करने के लिए कहा। जिस पर प्रदीप कुमार ने कागज वापस नहीं किए और 25 हजार रुपये देने के बाद कागज वापसी की बात कही। जब राजकुमार ने मना किया और थोड़ा सा दबाव बनाने की कोशिश की तो स्टाफ की एक महिला कर्मचारी से थाने में छेड़छाड़ का मुकदमा लिखा दिया। मामले की जब जांच सिविल लाइन इंस्पेक्टर अजय कुमार गौतम ने की तो राजकुमार निर्दोष पाया गया और मुकदमा स्पंज कर दिया गया।

राजकुमार की तरफ से भी एसएमआई पर 420 का मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसको लेकर सीओ ऑफिस में बयान के लिए राजकुमार और कंपनी मैनेजर प्रदीप कुमार को बुलाया गया था। पीड़ित राजकुमार का आरोप है कि सीओ रहीस अख्तर के सामने ही प्रदीप कुमार ने धमकाया। जिसकी शिकायत किसान यूनियन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा से की तो वह किसानों के साथ सीओ रहीस अख्तर के पास आए। लोगों का आरोप है कि सीओ ने उनके साथ भी अभद्रता की और कहा कि जैसा प्रदीप कुमार ने तुम्हारे साथ किया है वैसा तुम उसके साथ करो। किसानों का आरोप है कि सीओ हमको कानून हाथ में लेने के लिए कह रहे हैं। सीओ आईपीएस हैं अंडर ट्रेनिग एएसपी हैं इनको इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था। इसी बात को लेकर किसान सीओ आफिस में ही धरने पर बैठ गए और सीओ को हटाने की मांग कर रहे हैं। सीओ इस पूरे मामले पर कुछ भी कहने से बचते हुए नज़र आए।

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