अखिलेश की हरी झंडी मिलते ही सपाई कर देंगे ये काम  

जनपद में दो गुटों में बंटे सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता 

मुरादाबाद। सूबे में ऐन चुनाव से पहले सपा परिवार में रार और अब बिखराव के बाद आम कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी अपने-अपने खेमे में पहुंंच गए हैं। बीते रविवार को जिस प्रकार सीएम अखिलेश को राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्‍यक्ष चुना गया व उनके चाचा शिवपाल को बाहर का रास्ता दिखाया गया, उसके बाद से जिले में भी गुटबाजी सतह पर आ गई है। 

जिले में अब हर खेमे का नेता अपने नेता की बात को सही ठहराने में जुटा है। वहींं,यहां लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प हो चली है क्याेंकि शिवपाल यादव ने अभी पखवाड़े भर पहले ही जिला अध्‍यक्ष बदला था। अब पहले की टीम दोबारा से काबिज होने के लिए दम भर रही है। इन्तजार है तो सिम्बल पर फैसले का। इसके बाद स्थानीय स्तर पर बंटे सपा खेमे बाहर आ जाएंगे।

चुनाव आयोग पहुंची रार 

समजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह से उपजे शिवपाल और अखिलेश प्रकरण ने पूरे सूबे में पार्टी को दो खेमोंं में बांंट दिया था। एक खेमा अखिलेश का तो दूसरा शिवपाल का, लेकिन बीते बुधवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने जैसे ही 325 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की तो उसके जवाब में अखिलेश ने भी लिस्ट जारी की। इसके बाद सपा पर कब्जे को लेकर लड़ाई चुनाव आयोग के दरवाजे पर पहुंंच गई है। 

हरी झंडी का इंतजार 

जनपद में सबसे पहले तो जंग उम्मीदवारों की ही है क्याेेंकि दोनों लिस्ट के हिसाब से छह सीटों पर दस उम्मीदवार हैं और सभी अपने को पार्टी का उम्मीदवार बता रहे हैं। पूर्व जिला अध्‍यक्ष इकराम कुरैशी कहते हैं कि हमारे नेता तो सीएम अखिलेश ही हैं क्‍योंकि वो ही अपने पिता के उत्तराधिकारी हैंं, जबकि मौजूदा जिला अध्‍यक्ष अथर अली अंसारी कहते हैं कि अखिलेश का फैसला गलत है। संगठन मुलायम सिंह और शिवपाल के फैसले के साथ है और उनके ही आदेशों का पालन होगा। अब असल लड़ाई यही शुरू होगी कि सपा की जिले में कौन कमान संभालेगा। फिलहाल अखिलेश के साथ मौजूदा विधायक के साथ ही तमाम पदाधिकारी भी शामिल हैं, इसलिए ऊपर से हरी झंडी मिलते ही कार्यालय पर भी कब्‍जा होना है।
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sharad asthana
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