सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर पड़ा रहा मरीज डाक्टरों को पता ही नहीं

सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर पड़ा रहा मरीज डाक्टरों को पता ही नहीं

jai prakash | Publish: Sep, 16 2018 03:22:34 PM (IST) Moradabad, Uttar Pradesh, India

सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर देखने को मिली। विकलांग वृद्ध जिसकी टांग कट चुकी है उसे अस्पताल के डाक्टरों ने उसे ऐसे ही पट्टी कर छोड़ दिया।

मुरादाबाद: सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। आये दिन अलग अलग इलाकों से खस्ताहाल व्यवस्थाओं की खबरें सामने आती रहीं हैं। कुछ यही तस्वीर आज मंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर देखने को मिली। यहां एक विकलांग वृद्ध जिसकी टांग कट चुकी है उसे अस्पताल के डाक्टरों ने उसे ऐसे ही पट्टी कर छोड़ दिया। इमरजेंसी के बाहर पड़े इस शख्स पर जब मीडिया की नजर पड़ी तो स्टाफ को टोका गया। जिसके बाद उसे भर्ती करवा कर इलाज शुरू करवाया।

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अस्पताल के बाहर पड़ा रजा मरीज

आज सुबह से इमरजेंसी गेट के बाहर घनश्याम नाम का मरीज पड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह से ही ये ऐसे पड़ा है। डाक्टरों ने भर्ती करने के बजाय उसे महज पट्टी करके यूं ही छोड़ दिया। जब इमरजेंसी स्टाफ से कहा गया तो उन्होंने संज्ञान लेकर भर्ती किया। घनश्याम के मुताबिक उसने कई बार खुद डाक्टरों से भर्ती करने को कहा लेकिन उसे पट्टी करा के भेज दिया गया।

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स्वास्थ्य विभाग में मचा हडकंप

लेकिन आज इस हालत का फोटो जब स्थानीय सोशल मीडिया पर वायरल हुआ उसके बाद स्वास्थ्य महकमे में हडकंप मच गया। आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मरीज का संज्ञान लेकर अपनी सफाई देने लगे। लेकिन इसका जबाब किसी के पास नहीं है कि आखिर एक लावारिस मरीज जिसका कोई रहने खाने पीने का ठिकाना नहीं है। उसे इस तरह क्यों छोड़ा गया।

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मरीज का नहीं है कोई ठिकाना

फ़िलहाल मरीज को भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। डाक्टरों के मुताबिक इसकी अक्सर पट्टी वगरह की जाती है। लेकिन कोई ठिकाना नहीं इसकी जानकारी नहीं है। अभी दो दिन पहले जब खुदं कमिश्नर अनिल राजकुमार ने जिला अस्पताल का औचक निरिक्षण किया था,तब उन्हें भी कई कमियां मिली थी। जिस पर उन्होंने इसमें सुधार के निर्देश दिए थे। लेकिन चिकित्सीय पेशे में जिस संवेदनशीलता की जरुरत होती है आज वो नदारद दिखी। जिसकी तस्वीर ये अपने आप में सम्पूर्ण है।

 

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