भडक़ा आक्रोश, विधायक पहुंचे तो माने लोग

मासूम से बलात्कार, हत्या के मामले में आक्रोशित लोगों ने लगाया जाम

 

By: rishi jaiswal

Published: 05 Feb 2021, 11:44 PM IST

सबलगढ़, मुरैना. चार साल की मासूम का अपहरण कर बलात्कर, हत्या के मामले में आक्रोशित लोगों ने सबलगढ़ में ढाई घंटे तक जाम लगाया। लोग पुलिस की कार्रवाई से नाराज थे। एसडीएम, एसडीओपी ने काफी प्रयास किया लेकिन जमा नहीं खोला गया। क्षेत्रीय विधायक बैजनाथ कुशवाह के पहुंचने पर सुबह दस बजे लगाया जाम दोपहर ढाई बजे खोल दिया।

बता दें कि सबलगढ़ के एक गांव में आरोपी विश्राम रजक (35) ने चार साल की मासूम ब"ाी का गुरुवार शाम बहला फुसलाकर अपहरण किया और घर से कुछ ही दूरी पर एक खेत में बलात्कार किया और ब"ाी को मौके पर छोडक़र भाग गया। ब"ाी के माता-पिता जयपुर में मजदूरी करते हैं, घर पर दादा दादी थे, उनको सूचना मिली तो वह सुबह जयपुर से सबलगढ़ आ गए हैं। ब"ाी घर नहीं आई तो दादा दादी ने अन्य परिजन को उसे ढूढऩे भेजा। पीडि़ता की बड़ी बहन ने आरोपी के साथ जाते हुए देखा था उसी हिसाब से परिजन सरसों के खेत में पहुंचे वहां रात करीब नौ बजे ब"ाी लहूलुहान अवस्था में पड़ी मिली। उसको अस्पताल लेकर पहुंचे तो चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। शव को लेकर परिजन घर पहुंचे। सूचना मिलते ही रात को पुलिस व प्रशासन के अनुविभाग स्तर के अधिकारी व भारी संख्या में पुलिस फोर्स गांव पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी को रात को ही गिरफ्तार कर लिया लेकिन उसको सुबह तक गोपनीय रखा।

दो सप्ताह पूर्व आया था जेल से

आरोपी द्वारा 29 जून 2020 को पीडि़ता की ताई से भी बलात्कार किया था। उस मामले में जेल में बंद था, उसी मामले में दो सप्ताह पूर्व जेल से छूटकर आया था और उसने इस घिनोंनी हरकत को अंजाम दे दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पीएम न कराने पर अड़े परिजन

सुबह ब"ाी के शव को सबलगढ़ ले जाया गया। वहां पहले तो परिजन पीएम नहीं कराने की जिद पर अड़े रहे लेकिन अधिकारियों के समझाने पर पीएम कराया। उसके बाद परिजन से सबलगढ़ में करीब दस बजे से जाम लगा दिया। पहले राम मंदिर चौराहे पर जाम लगाया, यहां किसी तरह पुलिस ने उनको उठा दिया तो खार नाला चौराहे पर जाम लगा दिया। यहां दोपहर ढाई बजे तक जाम लगाया गया।

पुलिस की गलती से पनपा आक्रोश

पीएम के बाद ब"ाी के शव को परिजन से ले जाने को कहा तो उन्होंने लेने से इंकार कर दिया। उधर पुलिस ने परिवार के ही कुछ लोगों को गाड़ी में बैठाकर ब"ाी के शव को पुलिस वाहन से गांव पहुंचा दिया। इस बात को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया। पहले राम मंदिर चौराहे पर जाम लगा दिया। यहां से पुलिस ने किसी तरह उनको हटा दिया, उसके बाद खार नाले पर जाम लगाया गया। मांग थी कि ब"ाी का शव गांव से वापस लाया जाए, आरोपी के परिजनों पर भी मामला दर्ज हो, सुरक्षा के लिए बंदूक के लाइसेंस दिए, आर्थिक मदद दी जाए।

पीडि़त परिवार के यहां चार सशस्त्र जवान तैनात

सबलगढ़ में पीडि़त परिवार को दो बंदूक के लाइसेंस, पांच हजार रुपए अंत्येष्टि के लिए दिए और बंदूक के दो लाइसेंस देने की बात कही। साथ ही जब तक बंदूक के लाइसेंस नहीं बनते तब तक चार सशस्त्र जवानों का गार्ड सुरक्षा की दृष्टि से पीडि़त परिवार के यहां तैनात रहेगा।

थाना प्रभारी को नहीं पता, आरोपी कब पकड़ा

सबलगढ़ थाना प्रभारी एनके शर्मा से पूछा कि आरोपी को रात कितने बजे पकड़ा गया तो उन्होंने कहा मुझे नहीं पता सीएसपी मेडम कार्रवाई कर रही हैं। थाना प्रभारी के ये बोल पुलिसिंग पर सवाल खड़े करते हैं कि जिस थाना क्षेत्र में घटनाक्रम हो रहा है और उसको यह नहीं पता कि आरोपी कितने बजे पकड़ा गया।

आरोपी ने दी थी धमकी इस बार कुछ करके ही जाऊंगा जेल

मासूम के अपहरण, बलात्कार और हत्या से दो दिन पूर्व आरोपी विश्राम रजक ने मृतका के ताऊ को धमकी दी थी कि पहले आप लोगों ने मुझको गलत फंसा दिया था लेकिन इस बार कुछ करके ही जेल जाऊंगा। यह बात पुलिस के सामने मृतका के ताऊ ने कही हैं।

वर्जन

पीडि़त परिवार के लिए बंदूक के दो लाइसेंस मंजूर किए जाएंगे, पांच हजार रुपए अंत्येष्टि के लिए दिए हैं और शासन स्तर से जो नियमानुसार मदद मिलती है, उसकी प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी और जब तक लाइसेंस नहीं बन जाते तब तक सुरक्षा की दृष्टि से पीडि़त परिवार के यहां चार सशस्त्र जवानों का गार्ड तैनात रहेगा।

शुभ्रता त्रिपाठी, तहसीलदार, सबलगढ़

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