टीआई स्वयं लाए फिर भी छिपाई हमले की बात

मीडिया व अधिकारियों से कहते रहे थाना प्रभारी कि गिरकर घायल हुआ एएसआई

मुरैना. नूराबाद थाने में पदस्थ एएसआई सोवरन सिंह को आरोपियों ने पटक कर लाठियों से मारा, थाना प्रभारी स्वंय एएसआई को उठाकर लाए फिर अधिकारियों व मीडिया से हमले की बात क्यों छिपाई, यह बात लोगों के लिए यक्ष प्रश्न बनी हुई है।
27 नवंबर की सुबह चंबल रेत से भरे टै्रक्टर ट्रॉली पकडऩे नूराबाद थाना पुलिस की टीम जरारा गांव पहुंची थी। टीम में थाना प्रभारी स्वंय मौजूद थे  लेकिन पुलिस का एएसआई पिटता रहा और थाना प्रभारी पचास मीटर दूर खड़े होकर देखते रहे।
एएसआई ने जब अपनी सर्विस रिवाल्वर कॉक की, तब हमलावर भागे। एएसआई बेहोश हो गया, उसके बाद उसे उठाकर गाड़ी तक थाना प्रभारी अपने साथी स्टाफ की मदद से लेकर आए। एसडीओपी बानमोर के नेतृत्व में पुलिस ने बुधवार को जरारा गांव में दबिश दी, लेकिन आरोपी नहीं मिले। कुछ घरों में ताले पड़े थे। विदित हो कि एएसआई पर हमले के दूसरे दिन सात नामजद और २५ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास व शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
सीधी बात  : आत्माराम शर्मा  एसडीओपी बानमोर
प्रश्न- टीआई नूराबाद ने पुलिस पर हमले की बात क्यों छिपाई।
उत्तर- टीआई ने नहीं छिपाई बल्कि एएसआई घबरा गया था, वह बेहोश हो गया था।
प्रश्न- जब एएसआई पर हमला हो रहा था तब टीआई कहां थे।
उत्तर- टीआई पचास मीटर दूरी पर थे, हालांकि बाद में टीआई ही एएसआई को बेहोशी की हालत में उठाकर गाड़ी तक लाए।
प्रश्न- एएसआई को हमलावरों कैसे छोड़ा।
उत्तर- एएसआईने पिस्टल कॉक की, तब हमलावर भागे।
प्रश्न- राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस घटना को छिपाती रही।
उत्तर- सच मानो, कोई राजनैतिक दबाव नहीं था, सिंगल फोन भी नहीं आया।
प्रश्न- आरोपी गिरफ्तार हो गए क्या।
उत्तर- आज मैं स्वंय पुलिस पार्टी को लेकर जरारा गया था, आरोपी फरार हैं। दोषियों को बख्सा नहीं जाएगा।
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monu sahu
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