भाजपा के पूर्व महामंत्री ने चंबल पुल से कूदकर आत्महत्या की

भाजपा नेता और गल्ला व्यवसायी नरेश गुप्ता मंगलवार की रात को अचानक लापता हो गए। बेटे के नाम पंजीकृत स्कूटी चंबल के राजघाट पर नए पुल के किनारे पुलिस को लावारिश हालत में बुधवार की रात एक बजे मिली। इसी आधार पर माना जा रहा है कि गुप्ता ने आत्महत्या की है।

By: Ravindra Kushwah

Published: 17 Jun 2020, 10:30 PM IST

मुरैना. धौलपुर, भरतपुर और मुरैना की रेस्क्यू टीमें चंबल में लाश तलाशने का प्रयास कर रही हैं। घटना स्थल राजस्थान के धौलपुर जिले की सीमा का है।
धौलपुर से मुरैना की ओर जाने वाले मार्ग पर बने पक्के सड़क पुल के पांचवें पिलर के ऊपर गुप्ता की स्कूटी खड़ी मिली। उसी के ऊपर पुल की रेलिंग पर लगी लोहे की जाली भी टूटी है। इसी आधार पर चंबल में कूदने का कयास लगाया जा रहा है। स्कूटी क्रमांक एमपी06-एस 4920 नरेश गुप्ता के बेटे और भाजपा के नगर मंडल अध्यक्ष नितिन गुप्ता के नाम पंजीकृत है। नरेश गुप्ता गुप्ता की स्कूटी से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें उन्होंने कैंसर से पीडि़त होने और पत्नी की मौत के बाद जीने की तमन्ना न रहने की बात लिखी है। मृतक नरेश गुप्ता के भाई राजेश के अनुसार भाईसाहब रात को 10 बजे तक अपने घर पर ही नैनागढ़ रोड गली नंबगर ७ में थे। उन्होंने खाना भी खाया था और अपने कमरे में चले गए थे। इसके बाद वे बिना बताए कब निकल गए किसी को पता नहीं चला। धौलपुर पुलिस ने स्कूटी के पंजीयन नंबर के आधार पर मुरैना कोतवाली पुलिस को बताया तब सूचना हुई। गुप्ता के एक बेटा और एक बेटी है और दोनों की शादी हो चुकी है। दो छोटे भाई हैं।


अवसाद से नहीं उबर पाए भाजपा नेता, पत्र में नौकर की भूमिका पर उठाए सवाल
चंबल मेें कूदकर कथित तौर पर सुसाइड करने वाले भाजपा नेता नरेश गुप्ता लंबे समय से अवसाद में जी रहे थे। इस बात का उल्लेख उनके स्कूटर से मिले सुसाइड नोट में भी है। इस अवसाद की एक से अधिक वजह हैं।
वे कैंसर से पीडि़त थे और करीब 3 साल पहले उनकी पत्नी का एबी रोड पर घरौना हनुमान मंदिर के पास सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। अपने जिस नौकर पर वे सबसे अधिक भरोसा करते थे उस पर उनके विरुद्ध तांत्रिक क्रियाएं कराने को लेकर भी वे दु:खी थे। पत्र में लिखा है कि इसी वजह से उनकी पत्नी भी असमय साथ छोड़कर चली गईं। हालांकि इसके पीछे वे अपने मुनीम और छोटे भाई महेश की पत्नी पर संदेह करते रहे। इसके लिए उन्होंने अपने सुसाइड नोट में माफी भी मांगी है। पत्र में गुप्ता ने इसके लिए माफी मांगते हुए यह भी कहा है कि वे (उनके भाई) नितिन (नरेश गुप्ता के पुत्र) को बेटे की तरह ही समझें। पत्र में उन्होंने लिखा है कि बेटे औ बहू तन, मन और धन से सेवा कर रहे हैं, लेकिन कैंसर सहित अपने निजी कष्ट तो हमें भोगने ही पड़ेंगे। इन कष्टों को उन्होंने पत्र में असहनीय लिखा है। पत्र में यह भी लिखा है कि पत्नी की मौत के बाद उनकी जीने की इच्छा भी नहीं रही। गुप्ता अपने नौकर रामनरेश कुशवाह से दुखी थी। उन्होंने जिक्र किया है कि उन्होंने गोरखपुर के एक तांत्रिक को बुलाकर पता किया तो उसने बताया इसके बारे में। पत्र के अनुसार जब इस संबंध में नौकर से पूछा तो वह नौकरी छोड़कर चला गया। इसके पहले यह बात गुप्ता ने पूर्व विधायक और भाजपा नेता गजराज सिंह सिकरवार को भी बताने की बात कही है। लेकिन पत्र में लिखा है कि गजराज सिंह ने तंत्र-मंत्र की बातों को गंभीरता से नहीं लिया। पत्र के अनुसार नौकर ने ही यह बताया कि गुप्ता के नाश के लिए उनके मुनीम और छोटे भाई महेश की पत्नी तंत्र-मंत्र करवा रहे हैं। लेकिन यह सब गलत निकला। इसके लिए उन्होने अपने दोनो भाइयों से माफी भी मांगी है। अंत में उन्होंने अपने भाइयों के लिए लिखा कि नितिन तुम्हारे भी बेटे के समान है। इसलिए उसे भी एक बेटे की तरह ही गाइड करते रहना। गुप्ता न अपनी बेटी और दामाद के लिए भी लिखा है उन्होंने बहुत सेवा की अब उनके बेटे नितिन का भी ध्यान रखें।
किसी ने नहीं देखा चंबल में कूदते हुए
भाजपा नेता नरेश गुप्ता को किसी ने भी चंबल में कूदते हुए नहीं देखा है। केवल राजघाट के नए पुल पर उनकी स्कूटी रखी मिली है और उसके पास रेलिंग की जाली कटी हुई है। इसी के आधार पर कयास लगाए जा रहे हैं, कि उन्होंने यहीं से कूदकर आत्महत्या की है।
100 लोग लगे रेस्क्यू में, फिर भी निराश
भाजपा नेता नरेश गुप्ता की लाश की तलाश करने में अनावश्यक देरी होती रही। मोटर बोट के लिए पहले धौलपुर नगर निगम के कहा गया, बाद में एसडीएम और वन विभाग को लेकिन इंतजाम नहीं हो सका। उसके बाद एसपी मुरैना डॉ. असित यादव ने धौलपुर पहुंचकर अधिकारियों से बात की तब स्थानीय गोताखोरों के लिए बोट का इंतजाम हो पाया। इसके बाद होमगार्ड मुरैना और धौलपुर के साथ भरतपुर से भी टीमें गईं। चार मोटरबोट से करीब 100 लोगों की टीम ने नदी की धार में और किनारों पर रेस्क्यू किया। शाम तक कोई सफलता नहीं मिली। अब रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। सुबह 6 बजे से फिर शुरू किया जाएगा।

Ravindra Kushwah
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