भाजपाइयों ने किया पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव

- समाजसेवी मनोज जैन को पकडऩे पर भाजपाइयों में आक्रोश
- धोखाधड़ी के आरोपी से मिलने रात को गए थे कोतवाली, वहां विवाद होने पर किया गिरफ्तार, भेजा जेल

By: Ashok Sharma

Published: 20 Feb 2021, 07:26 PM IST


मुरैना. समाजसेवी मनोज जैन को सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा पकडऩे और उनकी मारपीट करने का मामले को लेकर भाजपाइयों में आक्रोश फूट पड़ा। रात को भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य भाजपाई थाने पहुंचे और फिर सुबह होने पर बड़ी संख्या में भाजपाईयों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। लेकिन विडंवना देखिए प्रदेश में सरकार होने के बाद भी उनकी एक नहीं सुनी और वह मन समझाकर कार्यकर्ताओं से यह कहकर लौट आए कि पुलिस अधीक्षक ने २४ घंटे का समय दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार एक्सिस बैंक में नोटबंदी के दौरान उस समय मैंनेजर रहे आशीष जैन व अन्य लोगों द्वारा पुराने नोट बदलने के मामले सामने आए थे। सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए गए थे। एक में चार और दूसरे में ४२ आरोपी थे। आशीष जैन इन दोनों ही मामलों में आरोपी था। अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। शुक्रवार को सिटी कोतवाली पुलिस ने उसको ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया। समाजसेवी मनोज जैन अशीष से मिलने शुक्रवार की रात सिटी कोतवाली गए थे। उसी दौरान पुलिस से विवाद हो गया और पुलिस ने उनको लॉकअप में बंद कर दिया। उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बंाधा डालने का मामला दर्ज कर शनिवार को न्यायालय में पेश किया वहां से जेल भेज दिया है। समाजसेवी जैन भाजपा से तालुक्कात रखते हैं इसलिए भाजपा जिलाध्यक्ष योगेशपाल गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष नागेन्द्र तिवारी, रामकुमार माहेश्वरी, मंडल अध्यक्ष धीरज शर्मा सोनू, हमीर पटेल, विनोद खासखेड़ा, नरेन्द्र सिकरवार, संजय शर्मा, मुकेश जाटव, रमेश उपाध्याय, राकेश खटीक, हरिओम शर्मा, के डी डंडोतिया, दिनेश शर्मा, राहुल पचौरी, अरुण परमार, दिलीप राठौर, विपिन डंडोतिया, रामनरेश शर्मा, दिलीप डंडोतिया सहित एक सैकड़ा भाजपा कार्यकर्ताओ ने शनिवार की सुबह ११ बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक से मिला। उसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष गुप्ता ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया कि २४ घंटे में मामले की जांच कराने और दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई करने का एसपी ने आश्वासन दिया है।
भाजपाईयों ने अस्पताल में भी जताया विरोध ............
समाजसेवी मनोज जैन को सिटी कोतवाली से जिला अस्पताल मेडिकल कराने पुलिस लेकर गई थी। वहां पर जैन ने अपनी शर्ट उठाकर शरीर पर पुलिस की पिटाई के निशान दिखाए और कहा कि मेरा मोबाइल पुलिस के पास है, उसमें सब कुछ है। समाजसेवी के शरीर पर चोट के निशान देखकर भाजपा कार्यकर्ता व उनके समर्थकों में आक्रोश बढ़ गया और जिला अस्पताल में काफी कहा सुनी हो गई। समाजसेवी के समर्थकों का आरोप था कि सिटी कोतवाली पुलिस पूर्व में दो बार पैसे लेकर आरोपी को छोड़ चुकी है और फिर से ज्यादा राशि की मांग की जा रही थी।
दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी, भाजपा कार्यकर्ता दुखी न हों ......
पुलिस अधीक्षक से मिलने के बादभाजपा जिलाध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने हमें आश्वासन दिया है चूंकि आज आंदोलन चल रहा है। कल तक कुछ परिणाम निकल आएगा। भाजपा कार्यकर्ताओं को दुखी होने की आवश्यकता नहीं हैं, जिसने गलत किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। हमने मांग रखी है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें।
कथन
- नोटबंदी के दौरान एक्सिस बैंक में नोटों की बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई थी। धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए गए थे। उन दोनों में ही आशीष जैन जो उस समय बैंक के शाखा प्रबंधक थे, आरोपी थे, उनको शुक्रवार को ग्वालियर से गिरफ्तार करके लाए हैं। उसके बाद मनोज जैन आए और वह हाइपर हो गए, उन्होंने कम्प्यूटर तोड़ दिया और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई।
आरती चराटे, टी आई, सिटी कोतवाली

Ashok Sharma
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