scriptCase registered against industrialist Sanjay Maheshwari and Dr. Nilesh | उद्योगपति संजय माहेश्वरी व डॉ. नीलेश गुप्ता पर मामला दर्ज | Patrika News

उद्योगपति संजय माहेश्वरी व डॉ. नीलेश गुप्ता पर मामला दर्ज

locationमोरेनाPublished: Nov 19, 2022 09:50:08 pm

Submitted by:

Ashok Sharma

- मामला परिजन की बिना सहमति के नाबालिग मजदूर का हाथ काटने का
- नाबालिग से कराया जा रहा था कारखाने में काम, मशीन में फंसने से हाथ कटा
- परिजन ने प्रकरण दर्ज कराने सिविल लाइन थाना घेरा, किया हंगामा
- श्रम विभाग नहीं करता निरीक्षण, लापरवाही उजागर

उद्योगपति संजय माहेश्वरी व डॉ. नीलेश गुप्ता पर मामला दर्ज
उद्योगपति संजय माहेश्वरी व डॉ. नीलेश गुप्ता पर मामला दर्ज
अशोक शर्मा मुरैना. श्रम विभाग की अनदेखी के चलते कारखानों में नाबालिगों से काम कराया जा रहा है। शनिवार को हाइवे स्थित एक कारखाने में मशीन पर काम कर रहे एक नाबालिग लडक़े का हाथ कट गया। उसको गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां पर ड्यूटी डॉक्टर नीलेश गुप्ता ने बिना परिजन की सहमति के नाबालिग का हाथ काट दिया। उसके बाद पट्टी करवाकर मिल प्रबंधन ने उसको निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया है। परिजन को सूचना मिली तो टै्रक्टर ट्रॉली में भरकर सिविल लाइन थाने पहुंचे। यहां थाने का घेराव कर एफआइआर दर्ज कराने की मांग की।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने घायल सोनू की मां रीना पत्नी कालीचरन जाटव निवासी पीपरीपुरा की रिपोर्ट पर उद्योगपति व पराग मिल के मालिक संजय माहेश्वरी एवं जिला अस्पताल के ऑन ड्यूटी डॉ. नीलेश गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मां रीना का कहना हैं कि सोनू की बहन ज्योति ने फैक्ट्री में काम पर गए अपने भाई को फोन लगाया तो किसी अन्य ने मोबाइल रिसीव किया और बताया कि सोनू तो सरकारी अस्पताल में हैं। वहां जाकर देखा तो सोनू वहां भी नहीं था उसको डॉ. राजपूत के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। आरोपी डॉ. नीलेश गुप्ता ने पुलिस व परिजन को सूचना नहीं दी, न परिजन के पहुंचने का इंतजार किया और परिजन से सहमति लिए बगैर सोनू का हाथ काट दिया।
जानकारी के अनुसार सोनू (१५) पुत्र कालीचरन जाटव निवासी पीपरीपुरा पिछले चार पांच महीने से हाइवे स्थित नहर के पास रेडरोज मार्केटिंग लिमिटेड (पराग मिल) लाल गुलाब ब्रांड आटा कारखाने में काम कर रहा था। १९ नवंबर की सुबह ११ बजे काम करते समय मशीन की चपेट में आकर उसका दाहिना हाथ क्षतिग्रस्त हो गया। कारखाना प्रबंधन उसको सीधे जिला अस्पताल ले गया। वहां से स्थित डॉ. राजपूत हॉस्पीटल में भर्ती करा दिया है। घायल के परिजन का आरोप है कि हमको बिना बताए सरकारी अस्पताल में हाथ कटवाया और उसके बाद डॉ. राजपूत के यहां भर्ती करवा दिया है। यह पुलिस केस था निजी अस्पताल में ले जाने का क्या औचित्य था। परिजन ने एफआइआर दर्ज करवाने की मांग को लेकर करीब एक घंटे तक सिविल लाइन थाने का घेराव किया। इस दौरान भीम आर्मी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सफाई के लिए रखा, करवा रहे थे मशीन पर काम
परिजन के अनुसार सोनू को फैक्ट्री में सफाई के लिए रखा था लेकिन मशीन पर काम करवा रहे थे। यह प्रबंधन की लापरवाही है नाबालिग से मशीन पर काम नहीं कराना चाहिए था। हमसे कहा था कि इससे सफाई का काम लेंगे।
श्रम विभाग की लापरवाही, नहीं करते निरीक्षण
कारखानों में नाबालिग बच्चे काम कर रहे हैं। श्रम विभाग निरीक्षण नहीं करता। इससे विभाग की लापरवाही सामने उजागर हुई है। अगर समय समय पर श्रम विभाग कारखानों में निरीक्षण करता तो नाबालिग से काम कराने के मामले सामने आ सकते थे।
मां ने कहा, बच्चे से नहीं मिलने दिया
मां रीना जाटव ने कहा कि हमारे पास फैक्ट्री से कोई फोन नहीं आया, हमने ही दोपहर एक बजे फोन किया तब बताया कि सोनू तो अस्पताल में भर्ती है। जब मैं गई तो मुझे मिलने नहीं दिया, कहा वह ठीक है, अभी बाहर ही रहो, उससे नहीं मिल सकती।
कथन
- सोनू के हाथ कटने के मामले में उसकी मां के आवेदन पर से पराग मिल के मालिक संजय माहेश्वरी व जिला अस्पताल के सरकारी डॉक्टर नीलेश गुप्ता के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है। परिजन के बिना सूचना के सोनू का हाथ काटने का मामला सामने आया है।
प्रवीण चौहान, थाना प्रभारी, सिविल लाइन
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