scriptChaff scam: Tender of only one firm accepted, contract for chaff suppl | भूसा घोटाला: एक ही फर्म का टेंडर मान्य, 03.11 करोड़ का दे दिया भूसा सप्लाई का ठेका | Patrika News

भूसा घोटाला: एक ही फर्म का टेंडर मान्य, 03.11 करोड़ का दे दिया भूसा सप्लाई का ठेका

locationमोरेनाPublished: Nov 25, 2023 03:32:59 pm

Submitted by:

Ashok Sharma

- देवरी गोशाला में पिछली साल 2900 गोवंश पर दो करोड़ और अब 2142 गोवंश फिर भी बढ़ाकर दिया ठेका
- देवरी गोशाला में नगर निगम का व्यवस्थाओं पर नहीं सिर्फ भूसा पर फोकस

भूसा घोटाला: एक ही फर्म का टेंडर मान्य, 03.11 करोड़ का दे दिया भूसा सप्लाई का ठेका
भूसा घोटाला: एक ही फर्म का टेंडर मान्य, 03.11 करोड़ का दे दिया भूसा सप्लाई का ठेका
मुरैना. देवरी गोशाला में नगर निगम का व्यवस्थाएं दुरस्त करने पर नहीं भूसा पर फोकस रहता है। इसलिए एक ही फर्म को पिछली साल से गोवंश कम होने के बाद भी रेट बढ़ाकर भूसा का टेंडर दे दिया है। पिछली साल 2900 से अधिक गोवंश था तब 02.10 करोड़ का टेंडर था और अब 2142 गोवंश रह गया है, तब 03.11 करोड़ का टेंडर दे दिया है। गोशाला में व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त पड़ी हैं, जिस पर निगम प्रबंधन का ध्यान नहीं हैं।
नगर निगम जिस जेम पोर्टल से भूसा का टेंडर देने की बात कर रहा है। नियम तो यह है कि कम से कम तीन फर्मों के टेंडर आने चाहिए लेकिन निगम का यह पहला मामला नहीं हैं, इससे पूर्व स्ट्रीटलाइट चोक बगैरह के टेंडर में भी गड़बड़ी की थी, बाद में वह टेंडर चहेते ठेकेदार को नहीं मिला तो निरस्त करना पड़ा। ठीक इसी तरह भूसा के टेंडर में भी हुआ है। यहां उसी फर्म को जो पहले से देवरी गोशाला में भूसा सप्लाई कर रही थी, उसी को मनचाही रेटों पर भूसा सप्लाई का ठेका दे दिया है। शाखा प्रभारी कैलाश बाथम का कहना हैं कि टेंडर तो और भी आए थे लेकिन उनके कागज पूरे नहीं थे इसलिए उनके टेंडर निरस्त कर दिए जबकि सूत्रों से पता चला है कि सिर्फ एक ही टेंडर पुरानी फर्म का आया था, उसी के नाम टेंडर स्वीकृत कर दिया है।
तीन कमिश्नर आए नहीं लगा मरीज वार्ड में टीनशैड
देवरी गोशाला में मरीज वार्ड के ऊपर से तेज आंधी में टीनशैड उड़ गया था। तब से दो कमिश्नर के जा चुके हैं और तीसरे निगम में आ चुके हैं, उसके बाद भी मरीज वार्ड में टीनशैड नहीं लग सका है। गर्मी तो एक बार को कट भी जाती है लेकिन बारिश हो सर्दी मरीज गोवंश को बेहद परेशानी होती है। पिछले आयुक्तों की जानकारी में यह मामला था लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
आखिर कहां जा रहा गोवंश
देवरी गोशाला में पिछले साल 2900 से अधिक गोवंश था। उसके बाद भी लगातार शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से गोशाला में गोवंश पहुंच रहा है फिर भी गोवंश की संख्या कम होकर मात्र 2142 है। इससे लगता है कि गोवंश को गेट खोलकर बाहर निकाल रहे हैं या फिर बेचा जा रहा है। पूर्व में गोशाला के प्रभारी सहित दो लोगों को गोवंश बेचने के आरोप में देवरी गोशाला से हटाया जा चुका है। इसमें एक गार्ड भी शामिल था। सिविल लाइन थाने में एफआइआर भी दर्ज करवाई गई थी।
पूर्व अध्यक्ष ने लगाया आरोप, निगम की मिली भगत से हो रही गड़बड़ी
गोशाला संचालन समिति के पूर्व अध्यक्ष अशोक भदौरिया ने आरोप लगाया है कि निगम की मिली भगत से गोशाला में गड़बड़ी हो रही है। एक वाहन भूसा गोशाला में पहुंचता है और बिल दो वाहनों के पास हो रहे हैं। पिछले दो माह पूर्व मेरे द्वारा वेरीफिकेशन किया जाता था, एक वाहन जाता तो उसका कांटा कराकर एंट्री की जाती थी। लेकिन अब तो वेरीफिकेशन के नाम पर भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
पार्षदों को मिला थी गड़बड़ी
करीब दो माह पूर्व नेता प्रतिपक्ष बदन सिंह यादव, उप नेता योगेन्द्र मावई सहित अन्य पार्षदों का दल देवरी गोशाला गया था। उनको वहां तमाम गड़बड़ी मिली थीं। भूसा में मिट्टी व पत्थर पाया गया था। भूसा तौल की अपेक्षा कम पहुंच रहा था। इसके अलावा अन्य कई खामियां गोशाला मिली उन्होंने निगम को अवगत कराया लेकिन उसके बाद न तो निगम और न पार्षदों ने गोशाला की व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया है।
फैक्ट फाइल
- 03.11 करोड़ का हुआ भूसा का टेंडर।
- 02.10 करोड़ का हुआ था पिछले साल भूसा का टेंडर।
- 2900 से अधिक गोवंश था वर्ष 2022 में।
- 2142 गोवंश हैं इस साल।
- 750 से अधिक गोवंश कहां गया।
- 12 कर्मचारी हैं देवरी गोशाला की व्यवस्था में।
- 18 कर्मचारी की आवश्यकता है देवरी गोशाला में।
कथन
- जेम पोर्टल पर तीन फर्मों के टेंडर आए थे, अन्य फर्मों के कागजों में कमी होने पर पुरानी फर्म का टेंडर फाइनल करना पड़ा। अगर टेंडर निरस्त करते तो समय निकल रहा था इसलिए एक ही फर्म का टेंडर करना पड़ा।
देवेन्द्र सिंह चौहान, आयुक्त, नगर निगम
ठंड में ठिठुर रहा गोवंश नहीं लगाई त्रिपाल
देवरी गोशाला में प्रमुख व्यवस्था गोवंश के रखरखाव की है, उस पर निगम का ध्यान नहीं हैं। रात के समय पिछले एक महीने से ठंड पड़ रही है। रात को शीत लहर भी चल रही है। ठंड में गोवंश ठिठुर रहा है लेकिन निगम ने अभी तक त्रिपाल की व्यवस्था नहीं की है। गोशाला सूत्रों से पता चला है कि हर साल गोवंश ठिठुरता रहता है, समाजसेवियों द्वारा ही त्रिपाल की व्यवस्था की जाती है, निगम ने एक बार भी त्रिपाल की व्यवस्था नहीं की है।

ट्रेंडिंग वीडियो