चंबल में फिर से उफान, रास्ते बंद

दिनभर चंबल पर जाम, नदी में घुसकर निकलना पड़ा यात्रियों को

By: rishi jaiswal

Updated: 10 Jan 2021, 12:06 AM IST

गोठ/मुरैना. चंबल नदी के उसैद-पिनाहट घाट के माध्यम से उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश को जोडऩे वाला पीपों का पुल आवागमन के लिए शनिवार को फिर बंद हो गया। इससे दोनों रा’यों के सीमावर्ती इलाकों का सीधा संपर्क टूट गया और हजारों लोग नदी ेदोनों ओर फंसकर रह गए। पीपों के पुल के लिए बनाई गई अस्थाई एप्रोच रोड के पानी में डूब जाने से आवागमन रुक गया है।

पुल का निर्माण दोनों रा’यों के लोगों को बरसात के बाद के दिनों में सीधे जोड़े रहने के लिए उत्तरप्रदेश सरकार ही करवाती है। इसलिए जिला प्रशासन इसमें ’यादा दिलचस्पी नहीं लेता है। लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार चंबल नदी में पानी बढऩे का कारण सबलगढ़ के पास नहर फूटने से पानी डायवर्ट कर देना माना जा रहा है। बताया जाता है कि चंबल नदी के उसैदघाट से प्रतिदिन करीब पांच हजार लोगों का आना-जाना होता है। दो पहिया वाहनों के अलावा पैदल और हल्के चार पहिया वाहन चालक भी यहीं से आवागमन करते हैं। सीमावर्ती गांवों से लोग रिश्तेदारियों में तो आना-जाना करते ही हैं, आगरा, फिरोजबाद, मथुरा, फरीदाबाद, दिल्ली, नोएडा, जयपुर आदि स्थानों के लिए भी यहां से आगरा होते हुए आते-जाते हैं। पुल से आवागमन थमते ही चंबल नदी के तट पर मप्र की सीमा में वाहनों और यात्रियों की भीड़ लग गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि चार पहिया कुछ वाहनों को पानी में घुसकर निकाला गया, लेकिन दो पहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह रुक गया।

एप्रोच रोड डूबी, आवागमन ठप

चंबल के जल स्तर में करीब तीन फीट की वृद्धि दर्ज की गई है। सुबह चंबल का जल स्तर 111.80 मीटर पर था। जल स्तर बढऩे से एप्रोच रोड डूब गई है। जलस्तर बढऩे का एक कारण ऊपरी क्षेत्र में शुक्रवार को बारिश भी बताई जा रही है। पानी बढऩे के बावजूद जब लोगों का पानी में घुसकर वाहनों ले जाने का प्रयास किया तो पुल के कुछ स्लीपर भी निकाल दिए गए हैं। हालांकि ’यादा जरूरत मंदों को स्टीमर से भी निकाले जाने की खबर है। बाह लोक निर्माण विभाग के एई बीके पांडेय के अनुसार जल स्तर कम होने पर पुल को फिर से चालू कराया जाएगा।

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