निर्माण के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार, ग्रामीणों ने की शिकायत

फर्जी मस्टरोल भरकर पैसा निकाला, अब मशीनों से कराया जा है रहा काम, ग्राम पंचायत धनेला में शासन के निर्देशों की अवहेलना, कोविड के तहत मजदूरों को रोजगार देने की बात बेईमानी

By: rishi jaiswal

Published: 28 Oct 2020, 12:14 AM IST

मुरैना. कोविड 19 के चलते बाहर से काम छोड़ घर आ चुके मजदूरों को मनरेगा के तहत गांव में ही काम देने पर शासन व प्रशासन जोर दे रहा है। वहीं जनपद पंचायत मुरैना की ग्राम पंचायत धनेला में मनरेगा के अंतर्गत हो रहे सडक़ निर्माण का कार्य का फर्जी मस्टरोल भरकर मजदूरों के नाम पैसा निकाला लिया और अब मशीन से सडक़ का निर्माण कराया जा रहा है। धनेला पंचायत में जिम्मेदार लोगों द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। इस आशय की शिकायत ग्रामीणों ने भी आयुक्त चंबल संभाग, कलेक्टर मुरैना व जिला पंचायत सीइओ को की है।

शिकायत में कहा है कि ग्राम पंचायत धनेला में पीएम रोड से सामंथा के पुरा तक मनरेगा के तहत सडक़ स्वीकृति हुई है। इसका पैसा पंचायत के जिम्मेदार लोगों ने पूर्व में ही मस्टरोल क्रमांक &666, 412&, 4&60, 475&, 4756 पर मजदूरों के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक और पोस्ट ऑफिस से मिलकर 61560 रुपए निकाले जा चुके हैं। उस सडक़ का अब मशीन के द्वारा निर्माण कराया जा रहा है। इसी तरह ग्राम पंचायत धनेला से सिहारी के पुरा तक की सडक़ के पैसे भी फर्जी हस्ताक्षर कर निकाल लिए और कार्य मशीन से करवाया गया है। शिकायत में मांग की है कि जिन मजदूरों के नाम पैसा निकाला गया है, उनके हस्ताक्षर कराए जाएं तो स्थिति अपने आप स्पष्ट हो जाएगी।

आचार संहिता लगी फिर भी हो रहा काम : विधानसभा उपचुनाव के चलते इन दिनों आचार संहिता लगी है। धनेला पंचायत मुरैना विधानसभा में आती है। इसलिए फिलहाल काम करना आचार संहिता के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसमें जिम्मेदार लोग दोनों तरह से फंस रहे हैं अगर वह यह कहते हैं कि पहले से स्वीकृत है तो यह सिद्ध हो जाएगा कि पैसा पूर्व में निकाला जा चुका है अगर यह कहते हैं कि पैसा पूर्व में नहीं निकाला है तो वर्तमान में काम नहीं किया जा सकता क्योंकि आचार संहिता लगी है।

पूर्व में भी हो चुका है फर्जीवाड़ा

धनेला पंचायत में यह पहली बार भ्रष्टाचार नहीं हुआ है बल्कि पूर्व में भी सडक़ निर्माण में राशि निकाली जा चुकी है। एक मृतक के नाम पर फर्जी तरीके से राशि निकाली गई। बाद में उसकी पत्नी का नाम मस्टरोल में चढ़ाया गया। वह भी पत्नी का नाम जिस तारीख में चढ़ाया गया तब उसके पति की तेरहवीं भी नहंी हो सकीं थीं। उक्त भ्रष्टाचार की जांच के लिए दो बार जांच समिति बनाई गई। हर बार पंचायत के जिम्मेदार लोगों ने अपनी एप्रोच के चलते समिति को बदलाया गया और फिर जो समिति बनी, उसने जनपद सीईओ व पंचायत के जिम्मेदार लोगों ने कहा, वैसे ही रिपोर्ट प्रस्तुत की, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्राम पंचायत धनेला में मशीन से काम किया जाना गलत है। हालांकि हमारे पास अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है, अगर शिकायत आती है तो जांच करवाएंगे।

शैलेन्द्र सिंह, सीइओ, जनपद पंचायत, मुरैना

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