सरसों खरीदी को लेकर कृषि मंडी में विवाद, किया हंगामा

- पुलिस के पहुंचने पर दोपहर में शुरू हो सकी खरीद

By: Ashok Sharma

Published: 17 Mar 2021, 08:02 PM IST


मुरैना. कृषि उपज मंडी में सरसों की खरीद पर कम रेट की बोली लगाने पर बुधवार को फिर से विवाद हो गया और किसानों मंडी सचिव के चेंबर में पहुंचकर हंगामा किया। किसानों के हंगामा को देखते हुए मंडी प्रशासन ने पुलिस फोर्स बुलवा तब कहीं दोपहर बारह बजे सरसों की खरीद शुरू हो सकी।
जानकारी के अनुसार जरारा के वीरेन्द्र सिंह गुर्जर तीन ट्रॉली सरसों लेकर आया था। उसकी एक ट्रॉली की ४६०० और दूसरी की ४५०० रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से व्यापारियों ने बोली लगाई। जबकि इसी सरसों की एक ट्रॉली किसान वीरेन्द्र सिंह एक दिन पहले ५३०० रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से बेच गया था। यही स्थिति अन्य किसानों के साथ भी थी इसलिए किसान एकत्रित होकर मंडी सचिव के कार्यालय में पहुंचे और वहां काफी देर तक हंगामा होता रहा। मंडी सचिव व कर्मचारियों ने किसानों को काफी समझाया लेकिन वह कम रेट पर सरसों बेचने को तैयार नहीं थे। कर्मचारियों न कहा कि आपकी सरसों गीली है, इसलिए रेट कम लगाई लेकिन किसानों का कहना था कि इसी सरसों में एक दिन पहले हम ५३०० से ५४०० प्रति क्विंटल की रेट पर बेच कर गए हैं फिर इस सरसों की रेट कम क्यों। मंडी प्रशासन ने पुलिस फोर्स बुलाया तब कहीं बारह बजे खरीद शुरू हो सकी।
किसानों ने कहा, सरेआम हो रही है लूट
किसानों ने कहा कि कृषि मंडी परिसर में हर तरह से किसानों के साथ लूट हो रही है। एक तो माल कम तौला जा रहा है, वहीं लेवर के लोग हर ट्रॉली पर खोंची के नाम पर दो किलो सरसों भर लेते हैं। अगर विरोध करते हंै तो फिर वहीं कि किसानों ने ऊंधम कर दिया। यहां किसानों के माल को मनमाने ढंग से तौला जा रहा है। मंडी प्रशासन भी व्यापारियों की तरफदारी करता है किसानों की कोई सुनने वाला नहीं हैं।
कथन
- गीली सरसों होने के कारण व्यापारियों ने कम रेट पर बोली लगाई लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं हैं। व्यापारियों ने बोली लगाना बंद कर दिया। दोहपर करीब बारह बजे पुलिस के आने पर सरसों की खरीद शुरू हो सकी।
शिवप्रताप सिकरवार, सचिव, कृषि उपज मंडी, मुरैना

Ashok Sharma
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