बिना भाव के कुछ भी ग्रहण नहीं करते भगवान

यह बात शुक्रवार को भागिता का पुरा में चल रही श्रीमद भागवत कथा में पं. महेशचंद्र पराशर ने कही।

बानमोर. बिना भाव के भगवान कीमती चीजों को भी ग्रहण नहीं करते। यदि भाव से एक फूल ही चढ़ा दें तो प्रभु प्रसन्न हो जाते हैं। जिस व्यक्ति में ईश्वर प्रेम का भाव पैदा हो जाए तो उसे ईश्वर की लगन लगी रहती है। यह बात शुक्रवार को भागिता का पुरा में चल रही श्रीमद भागवत कथा में पं. महेशचंद्र पराशर ने कही।

श्रीमद भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण जन्म लीला, गोवर्धन पूजा व माखन चोरी लीला की कथा सुनाई। इस अवसर पर आकर्षक झांकियां भी सजाई गईं। कथावाचक ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए कहा जब श्रीकृष्ण के पैदा होने की खबर कंस को मिली तो वह कारागार में पहुंचा।

वहां कन्या को देखकर पत्थर पर पटक कर मारना चाहा तो कन्या हाथ से छूटकर यह कहते हुए आकाश में चली गई कि तेरा मारने वाला ब्रज में पैदा हो चुका है। इसके बाद श्रीकृष्ण की माखन लीला, गोवर्धन लीला, बाल लीलाओं के दृश्यों का संजीव चित्रण किया गया।

rishi jaiswal
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