सांप पकडऩे में होमगार्ड के जवान भी हैं ट्रैंड

एडीजी होमगार्ड ने लिया आपदा प्रबंधन उपकरणों का निरीक्षण

By: rishi jaiswal

Published: 31 Jul 2020, 11:14 PM IST

मुरैना. एडीजी होमगार्ड डीपी गुप्ता ने कहा कि लोगों को अभी तक यह नहीं पता होमगार्ड के पास सांप पकडऩे के उपकरण हैं और आधा दर्जन जवानों को प्रशिक्षित किया है। अगर किसी के घर में सांप निकलता है तो होमगार्ड जवानों को सूचना दें, ये सांप पकड़ेगे। इसके लिए होमगार्ड कमांडेंट को निर्देशित किया है। इन प्रशिक्षित जवानों के मोबाइल नंबर कंट्रोल रूम पर नोट कराएं जिससे आम लोगों को जानकारी मिल सके और समय पर उनके काम आ सकें।

निरीक्षण के बाद एडीजी होमगार्ड गुप्ता ने बताया कि मुरैना कार्यालय का निरीक्षण कर देखा जा रहा है कि बारिश में आपदा प्रबंधन की क्या तैयारियां हैं। जो उपकरण हैं उनकी क्या स्थिति है। पिछले साल मुरैना जिले में काफी बाढ़ आई थी। होमगार्ड के पास बोट है उनकी मोटर चालू है कि नहीं। पिछली साल हमारे जवानों ने बेहतर कार्य किया था। इस बार और अ‘छा कार्य करें, इसके लिए उनका मोटीवेट किया गया है। हर जिले में एसडीआरएफ की इकाई तैनात की गई है जिससे आपदा प्रबंधन में सही समय पर काम हो सके। जब कोई आपदा आती है तो बाहर से कंपनी आने में ’यादा समय लगता है और जो राहत कम समय में मिलना चाहिए, उसमें समय लग जाता है। लेकिन अब जिला मुख्यालय पर एक इकाई तैैनात रहेंगी। तो लोगों को जल्दी से राहत मिले सकेगी। एसडीआरएफ के जितने भी जवान हैं, उनका बीमा रहता है जिनके नहीं हैं, उनके लिए सरकार से बात करेंगे। होमगार्ड में जिला स्तर पर बल की कमी के मामले में उन्होंने कहा कि मुरैना जिले का प्रस्ताव शासन के पास है, जहां जहां से प्रस्ताव गए हैं, वहां के लिए शासन स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। होमगार्ड जवानों को दो महीने के लिए हटाने और रक्षा समितियों के सदस्यों को हेामगार्ड में प्राथमिकता देने की बात पर उन्होंने कहा कि सरकार स्तर पर बात रखेंगे।

आपदा उपकरणों की ली जानकारी

एडीजी गुप्ता शुक्रवार की सुबह समर हाउस पर पहुंचे। वहां से दोपहर में जिला कार्यालय चंबल कॉलोनी पहुंचे। वहां स्टाफ ने सलामी दी और उसके बाद कार्यालय का निरीक्षण किया। कार्यालय में बाढ़ व आपदा प्रबंधन के काम आने वाले उपकरणों को देखा। स्थानीय अधिकारियों से पूछा गया कि और क्या बेहतर किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने प्रत्येक उपकरण को चेक किया कि वह चालू हालत में हैं कि नहीं। बाढ़ में काम आने वाले वोट की मोटर चालू हैं कि नहीं, यह भी देखा। इसके अलावा एसडीआरएफ की टीम के द्वारा उन सभी उपकरणों को चेक किया जो आपदा के समय उपयोग की जाती हैं।

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