scriptHospital government and ambulance private, no action is taken due to n | अस्पताल सरकारी और एम्बूलेंस प्राइवेट, प्रबंधन की सांठगांठ के चलते नहीं होती कार्रवाई | Patrika News

अस्पताल सरकारी और एम्बूलेंस प्राइवेट, प्रबंधन की सांठगांठ के चलते नहीं होती कार्रवाई

- पुलिस चौकी के आसपास खड़ी होती हैं निजी एम्बूलेंस

मोरेना

Published: April 23, 2022 09:56:20 pm


मुरैना. जिला अस्पताल भले ही सरकारी है लेकिन यहां एम्बूलेंस प्राइवेट ही मिलेंगी क्योंकि इन एंबूलेंस संचालकों की अस्पताल प्रबंधन व चौकी पुलिस की सांठगांठ हैं इसलिए कार्रवाई नहीं की जाती। खास बात यह है कि ये एम्बूलेंस पुलिस चौकी के पास ही खड़ी होती हैं और स्टाफ भी ज्यादातर चौकी या अस्पताल की अमरजेंसी सेवा कक्ष में बैठे रहते हैं। अस्पताल परिसर में प्राइवेट एम्बूलेंस के दखल से प्रबंधन पर चौकी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिला अस्पताल में सरकारी एम्बूलेंस की कमी नहीं हैं। अभी हाल ही में सांसद निधि से दो एम्बूलेंस आ चुकी हैं, इससे पूर्व रेडक्रॉस सहित पर्याप्त वाहन थे लेकिन अस्पताल प्रबंधन व पुलिस की मिली भगत से परिसर में प्राइवेट एम्बूलेंस खड़ी की जा रही हैं। सरकारी एम्बूलेंस तक मरीज के अटेंडर पहुंच नहीं पाते हैं, उससे पहले अस्पताल का स्टाफ निजी एबूलेंस चालकों को फोन कर देता है। और वह मरीज को लेकर चले जाते हैं। कुछ समय पूर्व अस्पताल के अधीक्षक व चौकी पुलिस स्टाफ इस तरह सक्रिय हुए कि ये एम्बूलेंस अस्पताल में नहीं बल्कि इनके घर में खड़ी हो रही हों लेकिन बाद में चुप्पी साध जाना, कई सवालों को जन्म दे रहा है।
एक दर्जन प्राइवेट एम्बूलेंस हैं यहां
जिला अस्पताल परिसर में एक दर्जन प्राइवेट एम्बूलेंसों का दखल है। यहां एम्बूलेंस पुलिस चौकी के पास खड़ी होती हैं। स्टाफ अस्पताल में अमरजेंसी कक्ष के आसपास ही रहता है। ज्यादातर मरीज अमरजेंसी से ही रेफर होते हैं, वहां से सूचना मिलते ही एम्बूलेंस लेकर स्टाफ वहां पहुंच जाता है।
निजी अस्पतालों में सौंप दी हैं चालकों को एम्बूलेंस
जिला अस्पताल में जितनी प्राइवेट एम्बूलेंस खड़ी होती हैं, वह सभी ग्वालियर के निजी अस्पतालों की हैं। इन पर जो स्टाफ है वह कमीशन पर काम करता है। इनको एम्बूलेंस उन अस्पताल संचालकों द्वारा दी गई जिनके लिए ये काम करते हैं। जिला अस्पताल से मरीज तो रेफर होता है सरकारी जयारोग्य अस्पताल के लिए लेकिन रास्ते में एम्बूलेंस स्टाफ अटेंडर को पहले मोटीवेट करता है कि प्राइवेट में इलाज अच्छा होता है। ज्यादातर मरीज बातों में आ जाता है और कुछ सरकारी की जिद करते हैं तो भी उनको सीधे प्राइवेट अस्पताल में उतारकर एम्बूलेंस लेकर भाग आते हैं। इसके पीछे मोटा कमीशन रहता है। पूर्व में इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।
नहीं अखरती अस्पताल में वार्ड ब्यॉय की कमी
जिला अस्पताल में वार्ड ब्याय की भारी कमी हैं लेकिन प्राइवेट एम्बूलेंस चालक व स्टाफ के रहते अस्पताल प्रबंधन को वार्ड ब्यॉय की कमी नहीं अखरती। क्योंकि जब भी कोई मरीज ग्वालियर रेफर होता है तो प्राइवेट एम्बूलेंस चालक व स्टाफ स्टे्रचर लेकर जिला अस्पताल में पहुंच जाता है और अपनी एम्बूलेंस का गेट पर लगा जाते हैं। पूर्व में मरीज को ले जाने के चलते एम्बूलेंस स्टाफ में कई बार विवाद हो चुका है। जब मरीज रेफर होता है, उस समय स्टैचर, व्हील चेयर अथवा अन्य कोई साधन होता है, हर एक पर एम्बूलेंस का स्टाफ ही नजर आता है। जितने मरीज के परिजन नहीं होते उससे कहीं अधिक एम्बूलेंस का स्टाफ यहां दिखाई पड़ता है और मरीज भले ही गंभीर स्थिति में हो परंतु इनको तो अपनी गाड़ी में जाने की पड़ती है। इसके चलते कई बार मरीज समय से ग्वालियर नहीं पहुंच पाता है।
अस्पताल चौकी की सेवा में रहता है एम्बूलेंस स्टाफ
अस्पताल में जिन प्राइवेट एम्बूलेंसों का दखल है, उनमें से कुछ गाडिय़ों का स्टाफ पुलिस चौकी एक कर्मचारी की सेवा में रहते हैं। चर्चा है कि कुछ दिन पूर्व उक्त कर्मचारी के परिवार को एम्बूलेंस चालक कहीं घुमाकर भी लाया है। खबर है कि जो एम्बूलेंस चालक पुलिस चौकी स्टाफ के कहने पर नहीं चलता, उसका वाहन अधीक्षक से कहकर पुलिस कोतवाली थाने पहुंचा दिया जाता है और उस पर तमाम संगीन आरोप लगा दिए जाते हैं।
कथन
- कई बार पुलिस को लिख चुके हैं, लेकिन एम्बूलेंस चालक मानते ही नहीं हैं। अब फिर कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखवा रहे हैं।
डॉ. विनोद गुप्ता, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
अस्पताल सरकारी और एम्बूलेंस प्राइवेट, प्रबंधन की सांठगांठ के चलते नहीं होती कार्रवाई
अस्पताल सरकारी और एम्बूलेंस प्राइवेट, प्रबंधन की सांठगांठ के चलते नहीं होती कार्रवाई

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

सीएम Yogi का बड़ा ऐलान, हर परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरीचंडीमंदिर वेस्टर्न कमांड लाए गए श्योक नदी हादसे में बचे 19 सैनिकआय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला को 4 साल की जेल, 50 लाख रुपए जुर्माना31 मई को सत्ता के 8 साल पूरा होने पर पीएम मोदी शिमला में करेंगे रोड शो, किसानों को करेंगे संबोधितराहुल गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना, कहा - 'नेहरू ने लोकतंत्र की जड़ों को किया मजबूत, 8 वर्षों में भाजपा ने किया कमजोर'Renault Kiger: फैमिली के लिए बेस्ट है ये किफायती सब-कॉम्पैक्ट SUV, कम दाम में बेहतर सेफ़्टी और महज 40 पैसे/Km का मेंटनेंस खर्चIPL 2022, RR vs RCB Qualifier 2: राजस्थान ने बैंगलोर को 7 विकेट से हराया, दूसरी बार IPL फाइनल में बनाई जगहपूर्व विधायक पीसी जार्ज को बड़ी राहत, हेट स्पीच के मामले में केरल हाईकोर्ट ने इस शर्त पर दी जमानत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.