नए केस न आए तो आज कोरोना मुक्त हो सकता है जिला

शनिवार की स्थिति में दो एक्टिव मरीज, नया कोई नहीं आया
8144 मरीजों ने दी कोरोना को मात, 8230 संक्रमितों में से 84 की मौत हुई जिले में

रवींंद्र सिंह कुशवाह
मुरैना. सब कुछ ऐसा ही चला तो सोमवार को जिला कोरोना मुक्त घोषित हो सकता है। शनिवार की स्थिति में जिले में महज दो कोरोना पॉजिटिव मरीज बचे हैं। अब तक कुल संक्रमित 8230 लोगों में से 8144 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं। हालांकि कोरोना की पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में लोगों की मौत दोगुने से भी अधिक हुई। अप्रैल में एक साथ 100 और 150 से भी ऊपर संक्रमित रोज सामने आए, लेकिन किल कोरोना अभियान के कई चरण और सैंपलिंग बढ़ाकर संदिग्ध और संक्रमित लोगों की तेजी से पहचान की गई और उनका उपचार किया गया।

परिणाम यह हुआ की जून में कोरोना पर लगभग काबू कर लिया गया है। पिछले 1 सप्ताह से जिले में कोरोना संक्रमण के नए केस शून्य आ रहे हैं। शनिवार को 4 में से 2 मरीजों की स्वस्थ होने पर छुट्टी कर दी गई। अब जिले में केवल 2 एक्टिव केस बचे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि 1 सप्ताह का ट्रेंड देखकर ऐसा लग रहा है कि सोमवार तक बाकी 2 मरीज भी स्वस्थ हो जाएंगे और जिला कोरोना मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। जिले के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। कोरोना की पहली लहर की तुलना में दूसरी लहर में मौतों से सबक लेकर शासन और प्रशासन ने ऑक्सीजन का पर्याप्त इंतजाम कर लिया है। बीच में एक बार को अस्पताल प्रशासन ने कोरोना वार्ड में नए मरीज भर्ती करने से हाथ खड़े कर दिए थे। हालांकि जब हंगामा हुआ और मामला भोपाल और दिल्ली तक पहुंचा तो अस्पताल प्रशासन में यह पर्चा हटवा दिया और इसे एक शरारत बता कर जांच के भी आदेश किए, लेकिन यह जांच 3 महीने बाद भी पूरी नहीं हो पाई है।

अफरातफरी के हालात निर्मित हो गए थे जिले में

अप्रैल में बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित सामने आने से जिले में अफरातफरी के हालात निर्मित हो गए थे। एक वक्त दो जिला प्रशासन के पास ऑक्सीजन की डिमांड वाले मरीजों को भर्ती करने की क्षमता खत्म हो गई थी। उसके बाद ही जिले के लगभग सभी बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की स्वीकृति करवा कर जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा में उत्पादन भी शुरू करवा दिया गया है। नए बाकी प्लांट निर्माण की प्रक्रिया में हैं। सैकड़ों ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी समाजसेवियों और कारखाना संचालकों ने देशभर से उपलब्ध कराए। जब कोरोना मरीजों का अस्पतालों पर दबाव कम हुआ तो उपचार की व्यवस्था में और सुधार आया है। पर्याप्त दवाएं और ऑक्सीजन उपलब्ध होने की वजह से 10 दिन पूर्व एक ऐसे मरीज स्वस्थ होकर आए हैं जिनके फेफड़े 85 प्रतिशत तक संक्रमित हो गए थे।

85 प्रतिशत फेंफड़े संक्रमित होने के बाद 60 दिन में दी कोरोना मात

शहर की विवेकानंद कॉलोनी गणेशपुरा में रहने वाले डॉ. रामलखन सिंह कुशवाह ने 27 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गए थे। 85 प्रतिशत फेंफड़े संक्रमित होने के बाद मुरैना, ग्वालियर में उपचार के दौरान 60 दिन के संघर्ष के बाद आखिर कोरोना का मौत दे दी। मृगपुरा में पदस्थ डॉ. कुशवाह के बेटे रंजीत सिंह के अनुसार चिकित्सकों के कुशल मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते 10 दिन पहले वे पूरी तरह स्वस्थ होकर घर आ गए हैं। जिला अस्पताल मेंं डॉ. राघवेंद्र यादव ने बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रैफर किया तो वहां जाकर किसी भी अस्पताल में बेड खाली नहीं मिल पा रहा था। एक रात एंबुलेंस में ऑक्सीजन के सहारे काटनी पड़ी। दूसरे दिन बेड का इंतजाम हो पाया और विधिवत उपचार शुरू हुआ। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के आइसीयू में 12 दिन डॉ. धर्मेंद्र तिवारी, डॉ. देवेन्द्र कुशवाह एवं डॉ. कृष्णा मौर्य के प्रयासों वे स्वस्थ हुए।

जिले में संक्रमण का ग्राफ कैसे दिनों दिन नीचे गया

दिनांक सैंपल प्राप्त रिपोर्ट संक्रमित नेगेटिव स्वस्थ
20 जून 785 837 00 837 00
21 जून 918 909 00 909 01
22 जून 891 842 00 842 03
23 जून 853 873 01 872 01
24 जून 799 792 00 792 01
25 जून 926 896 00 896 01
26 जून 792 845 00 845 02
नोट- 26 जून की स्थिति में 1,84,899 नमूने जांच के लिए भेजे गए। 1,84,574 रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी हैं। 84 लोगों की कोरोना संक्रमण से अब तक मौत हो चुकी है।

करीब एक सप्ताह में महज एक ही व्यक्ति संक्रमित हुआ है। शनिवार को दो मरीजों के स्वस्थ होकर घर चले जाने के बाद अब दो एक्टिव केस हैं। सोमवार तक संभव है कि नया केस न आने पर जिला कोरोना मुक्त हो जाए।
डॉ. एके गुप्ता, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, मुरैना

महेंद्र राजोरे Desk
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