चंबल नदी में जेसीबी से दिन दहाड़े अवैध उत्खनन

- डंप रेत पर कार्रवाई, अवैध उत्खनन पर खामोश है टास्क फोर्स
- म प्र राजस्थान में आतंक का पर्याय रहे डकैत जगन गुर्जर की देखरेख में हो रहा है उत्खनन

By: Ashok Sharma

Published: 03 Jul 2021, 07:52 PM IST


मुरैना. वन विभाग व टास्क फोर्स जिले में डंप रेत को नष्ट करने की कार्रवाई कर रहा है परंतु जहां से रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है, वहां पर कार्रवाई करने से कतरा रहा है। खबर है कि म प्र राजस्थान में आतंक का पर्याय रहे डकैत जगन गुर्जर व उसके साथियों की देखरेख में राजघाट पर माफिया चंबल नदी से रेत का अवैध उत्खनन कर रहा है। जगन गुर्जर को लॉकडाउन से पूर्व राजस्थान पुलिस ने पकड़ा था, उस समय उस पर दोनों प्रांत से इनाम थी। फिलहाल जमानत पर चल रहा है। यहां तीन जेसीबी चंबल नदी का सीना चीरकर रेत का अवैध उत्खनन कर रही हैं और दो डोजर ट्रॉलियों में रेत भरने का काम कर रहे हैं।
यहां बता दें कि वन विभाग की एसडीओ द्वारा पिछले दो महीने में दर्जनों टै्रक्टर ट्रॉली चंबल रेत के पकड़े हैं और दो तीन जगह डंप रेत को नष्ट भी करवाया है। गुढ़ाचंबल में टास्क फोर्स जिसमें वन विभाग, राजस्व, पुलिस व प्रशासनिक अमला भी शामिल रहा, ने कार्रवाई की लेकिन राजघाट चंबल नदी पर जहां रात दिन जेसीबी चल रही हैं, वहां प्रशासन कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। अभी तक हुई अधिकांश कार्रवाई वन विभाग की एसडीओ श्रद्धा पंद्रे के नेतृत्व में ही की गई हैं। वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई के नाम पर समय काट रहे हैं। पुलिस व प्रशासन पूरी तरह हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यहां रात दिन चंबल नदी के पानी के बीच से जेसीबी से रेत निकाला जा रहा है परंतु कार्रवाई नहीं की जा रही है। बताया जा रहा है कि राजघाट पर रेत का अवैध उत्खनन जैतपुर व पिपरई गांव के कुछ लोग राजस्थान के बदमाशों के साथ मिलकर कर रहे हैं।
क्षेत्र बांट लिए हैं बदमाशों ने ............
राजघाट पर चंबल नदी के किनारे का क्षेत्र बदमाशों ने बांट लिया है। वहां एक दूसरे के क्षेत्र से रेत नहीं उठा सकते। अगर दूसरे के क्षेत्र में अतिक्रमण किया तो सीधी गोली चलती है। पूर्व में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर माफिया के बीच गोलीबारी हो चुकी है लेकिन पुलिस पहुंची तो सभी भाग चुके थे।
टास्क फोर्स की कार्रवाई सिर्फ बैठकों तक ..............
रेत व पत्थर के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए टास्क फोर्स में संभाग स्तर पर आयुक्त व आई जी और जिला स्तर पर कलेक्टर, एसपी, डीएफओ शामिल हैं। वर्ष में कइ बार संभाग व जिला स्तर पर टास्क फोर्स की बैठक होती है और उस बैठक में कार्रवाई की हुंकार भरी जाती है लेकिन बैठक के बाद कार्रवाइ के नाम पर अधिकारियों की हवा निकल जाती है।
कथन
- राजघाट पर कार्रवाई हमारे स्तर की नहीं हैं, वहां तो टास्क फोर्स ही कार्रवाई कर सकता है। उसमें जिला व संभाग के अधिकारी शामिल हैं।
श्रद्धा पंद्रे, एसडीओ, वन विभाग
- कार्रवाई तो वन विभाग को ही करनी हैं, अगर वह हमसे फोर्स मांगते हैं, तो उनको फोर्स उपलब्ध करा दिया जाएगा। रही बात बदमाशों की सक्रियता तो वह हम अपने स्तर पर दिखवा लेते हैं।
राय सिंह नरवरिया, एएसपी

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