आंधी में पीपों का पुल बहा, जन जीवन हुआ अस्त-व्यस्त

सुबह चटक धूप और दोपहर में भीषण गर्मी के बाद शाम को आंधी चली। तेल धूल भरी हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खेतों में रखी फसलें उड़ गईं, पेड़ टूट गए और चंबल नदी के उसैद घाट से पीपों का पुल करीब 100 मीटर बह गया। आंधी का प्रभाव करीब 1 घंटे तक रहा।

By: Ravindra Kushwah

Published: 10 May 2020, 10:05 PM IST

मुरैना. आमसान में बादल छाने और हवाएं चलने से शाम को लोगों को गर्मी से कुछ राहत भी मिली। मौसम विभाग ने ११ मई को ४ एमएम तक बारिश की संभावना जताई है। शुक्रवार के इस पूर्वानुमान में तापमान भी दिन में ४०-४२ डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना बताई गई है। किसान नाथू सिंह कहते हैं कि अब ज्यादातर फसलें काटने के बाद घर भी पहुंच चुकी है, लेकिन देर से बोने, पकने और कटने से कुछ किसानों की फसलें खेतों में ही रखी हैं। आंधी में उनका लांक उड़ गया। गहाई के बाद जहां भूसा रखा था वह भी उड़ गया। किसानों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव से खेतों में रखी फसलों को नुकसान है। लेकिन रोज आंधी और चटक धूप से अच्छे मानसून का भी अनुमान लगाया जा रहा है। आंचलिक कृषि अनुसंधान केंद्र मुरैना में प्राप्त मौसम के पूर्वानुमान में ज्यादा बारिश की संभावना नहीं बताई गई है।
पक्षी दिखे भयभीत
आंधी चलने पर पक्षी भयभीत दिखे। हवाएं तेज होने पर कबूतर सुरक्षित जगह की तलाश में इधर-उधर उड़ान भरते रहे। ३ मई को आए तूफान में दर्जनों पशु और सैकड़ों पक्षियों की मौत हो गई थी।

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