मदालखत दस्ते को घेरा, बाजार बंद कर दुकानदारों ने किया प्रदर्शन

- गंदगी देख भडक़े दुकानदार, कहा, आधी सडक़ पर गंदगी व पानी भरा है, इसको कौन साफ करेगा
- दुकानदारों ने यह भी कहा, बाजार में जहां दिन भर वाहनों का आवागमन रहता है, वहां पैर रखने को जगह नहीं, यहां रोजाना चालान किए जा रहे हैं, ऐसा क्यों?

By: Ashok Sharma

Updated: 04 Oct 2021, 08:10 PM IST

मुरैना. सब्जी मंडी में दुकानों के आगे से अतिक्रमण हटाने पहुंचे मदालखत दस्ते को रविवार की सुबह दुकानदारों ने घेर लिया और तमाम खरी खोटी सुनाईं। यह आक्रोश उस समय भडक़ गया कि दुकानों के आगे से अतिक्रमण हटा रहे थे, चालान काट रहे थे और वहां सडक़ पर करीब बीस फुट चौड़ाई तक गंदगी के ढेर लगे थे और पानी भरा था, उसकी सफाई नहीं की गई, अगर उसको साफ कर दिया जाता तो कोई परेशानी नहीं होती। वहीं दुकानदारों का कहना था कि पिछले कुछ दिनों से सब्जी मंडी में किसी का चालान तो किसी सामान उठाया जा रहा है क्या अतिक्रमण सिर्फ सब्जी मंडी में ही हैं। दुकानदारों ने अधिकारियों की गाडिय़ों को घेर लिया, करीब एक घंटे तक गाड़ी भीड़ के बीच रहीं दुकानदारों ने नगर निगम के खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी की और सब्जी मंडी बाजार बंद कर पुरानी कलेक्टे्रट पर प्रदर्शन किया। तहसीलदार ने उनकी समस्या को सुना, उसके बाद दुकानदार वापस हो गए और डेढ़ घंटे बाद बाजार को खोला गया।
सोमवार की सुबह नगर निगम की तीन गाडिय़ां एक डंपर के साथ सब्जी मंडी में पहुंची। एक गाड़ी में नोडल अधिकारी ललित शर्मा, एक गाड़ी में मदालखत दस्ता प्रभारी ऋषिकेश शर्मा, एक गाड़ी में भवन निर्माण अधिकारी के के शर्मा बैठे थे। एक दुकान खुल ही रही थी, तभी उसकी रसीद काट दी। इसी बात पर दुकानदार आक्रोशित हो गए। उन्होंने सबसे पहले नोडल अधिकारी ललित शर्मा को घेर लिया। उधर के के शर्मा ने देखा कि दुकानदार आक्रोश में है, उसी समय वह गाड़ी से उतरकर दूर पहुंच गए और भीड़ ने उनकी गाड़ी घेर ली। उसमें बैठे चालक व एक अन्य कर्मचारी ने अंदर से गाड़ी लॉक कर ली। दुकानदारों ने काफी खरी खोटी सुनाईं। नोडल अधिकारी पॉलिसी से अपनी गाड़ी निकालकर सब्जी मंडी से दूर खड़ी करके आए और दुकानदारों से बातचीत की। लेकिन दुकानदार नहीं मानें और उन्होंने सब्जी मंडी मार्केट बंद करके पूरी बाजार में रैली निकाली। हनुमान चौराहे पर नारेबाजी की। उसके बाद पुरानी कलेक्टे्रट का घेराव किया। वहां तहसीलदार अजय शर्मा ने प्रमुख तीन चार दुकानदारों को अपने चेंबर में बुलाया और उनको समझाया, उसके बाद दुकानदार वापस चले गए।
एक कर्मचारी को खदेड़ा........
दुकानदारों का आरोप था कि एक दिन पूर्व अतिक्रमण हटाने आए एक कर्मचारी ने दुकानदार पर सरिया उठाया था। अगर आपको लगता है कि अतिक्रमण किया है तो चालान काट दो, सामान जब्त कर लो लेकिन सरिया उठाने का कौन सा नियम हैं। तब वह कर्मचारी वहां दिख गया। दुकानदार भडक़ गए और बोले यही था पकड़ लो, इसको। इतनी सुनकर कर्मचारी ने वहां से दौड़ लगाई, पीछे दुकानदार भागे लेकिन कर्मचारी वहां से भाग गया। अगर कहीं वह कर्मचारी पकड़ में आ जाए तो दुकानदार उसकी मारपीट भी कर सकते थे।
गंदगी देख भडक़े दुकानदार ..........
मदालखत दस्ता कुछ दिन से सब्जी मंडी में नियमित पहुंचकर अतिक्रमण हटा रहा है जबकि वहां सडक़ पर करीब बीस फुट तक गंदगी के ढेर लगे हैं और गंदगी पसरी है। अगर वहां ठीक से सफाई हो जाए तो वाहन व राहगीर आसानी से निकल सकते हैं। दुकानदारों को आरोप था जब से नगर निगम में नए आयुक्त आए हैं तब से सब्जी मंडी में ही अतिक्रमण दिखाई दे रहा है, जबकि शहर में किसी भी बाजार में चले जाओ, वहां पैर रखने के लिए जगह तक नहीं लेकिन वहां किसी को अतिक्रमण दिखाई नहीं दे रहा। सब्जी मंडी को हाइवे बनाने पर अधिकारी तुले हुए हैं जबकि बाजार में वाहन नहीं निकल पा रहे हैं, उधर किसी का ध्यान नहीं हैं।
दुकानदारों की बात सुनने नहीं पहुंचे आयुक्त ............
सब्जी मंडी में दुकानदारों ने नगर निगम के अधिकारियों की गाडिय़ों को घेरा और नारेबाजी की जा रही थी, तब अधीनस्थों ने मौके से ही नगर निगम आयुक्त को घटना से अवगत करा दिया गया। उसके बाद भी दो घंटे दुकानदार प्रदर्शन करते रहे ेलेकिन आयुक्त फिर भी नहीं पहुंचे। यहां बात दें कि आयुक्त संजीव कुमार जैन पर आयुक्त के साथ साथ एसडीएम का भी दायित्व है। काम का लोढ होने के कारण ये महोदय न तो ठीक से एसडीएम का ही काम देख पा रहे हैं और न आयुक्त का। मुरैना के जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को एसडीएम और आयुक्त का प्रभार अलग अलग करना होगा, तब काम ठीक से हो पाएगा। इस संबंध में आयुक्त संजीव कुमार जैन को मोबाइल लगाया गया तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
घटनाक्रम एक नजर में.........
- ०८:४० बजे सुबह सब्जी मंडी पहुंचा मदालखत दस्ता।
- ०८:५० बजे अधिकारियों की गाडिय़ों को घेरा।
- ०८:५६ बजे उस कर्मचारी को खदेड़ा जिस पर सरिया घालने का आरोप था।
- ०९:२५ बजे अधिकारियों को गाडिय़ों को पुलिस के समझाने पर निकलने दिया।
- ०९:५० बजे हनुमान चौराहे पर पहुंच कर की नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी।
- १० बजे पुरानी कलेक्टे्रट का घेराव किया।
- १०: ४० बजे तहसीलदार के आश्वासन पर कलेक्टे्रट से वापस हुए दुकानदार।

Ashok Sharma
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