हाटबाजार की दुकानों में ताले,

आजीविका मिशन के तहत हुआ था निर्माण

By: rishi jaiswal

Published: 03 Aug 2020, 11:25 PM IST

थरा. ग्राम पंचायत थरा में स्वरोजगार योजना के तहत ग्रामीण हाट बाजार के नाम से निर्मित भवन की दुकानों पर ताला पड़ा है। दुकानों का वितरण तो गांव के लोगों को कर दिया गया, लेकिन दुकानों के संचालन में किसी ने दिलचस्पी नहीं ली। परिणाम यह हुआ कि दुकानों पर कई सालों से ताला लगा है।

यहां बता दें कि इन हाट-बाजार भवन में दुकानों का निर्माण आजीविका मिशन के तहत कराया गया था। इसके बाद ग्रामीण जनों को स्वरोजगार योजना के तहत दी गई थीं। लेकिन इन आधा दर्जन दुकानों में से सिर्फ एक दुकान ही नियमित रूप से खुलती है। बाकी दुकानों का आवंटन तो लोगों ने ले लिया, लेकिन उन पर स्थाई तौर से ताला लगा रखा है। यदि इन दुकानों का आवंटन किसी जरूरत मंद को कर दिया जाता तो उसे रोजगार भी मिलता और दुकानों के संचालन से ग्रमाीणों को अपने नजदीक ही जरूरत का सामान उपलब्ध हो सकता था।

कछियात मोहल्ला के सुधीर कुशवाह ने बताया कि वह भी गरीब रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों की सरकारी सूची में दर्ज है। इस हिसाब से आजीविका मिशन के तहत बनीं दुकानों का आवंटन प्राप्त करने का पूर्ण रूप से हकदार है। बिजली उपकरण मरम्मत कार्य को और बढ़ाने के लिए वह भी दुकान की तलाश में है, लेकिन गांव में बने हाट-बाजार भवन की दुकानों का आबंटन दूसरे लोगों ने प्राप्त कर ताला डाल रखा है। इससे कई जरूरतमंद लोग रोजगार नहीं कर पा रहे हैं। इस मामले में दुकानों के आवंटन मामले में योग्यता की जांच होकर दुकानों पर ताला डाले रखने के कारणों की भी जांच होनी चाहिए।

-अभी तो मैं अंबाह से बाहर हूं। हाट बाजार की दुकानों के आबंटन और उनके बंद होने के बारे में जानकारी लौटने पर करूंगा। नियम और व्यवहार में जो उचित होगा उसके हिसाब से कदम लौटने पर उठाए जाएंगे।

सर्वेष यादव, तहसीलदार, अंबाह।

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