लोकायुक्त ने बाबू को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा

- ७ लाख का लोन मंजूर कराने मांगे थे १५ हजार
- चार दिन पूर्व दे चुका था दो हजार, तीन हजार देते समय दबोचा
- छह महीने पूर्व किया था लोन के लिए आवेदन

By: Ashok Sharma

Published: 07 Sep 2021, 10:16 PM IST


मुरैना. उद्योग विभाग का बाबू देवेन्द्र गुप्ता लोकायुक्त पुलिस ने तीन हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। सेंथरा बाढ़ई निवासी विनोद ङ्क्षसह पुत्र रामवरन सिंह गुर्जर से डेयरी के लिए सात लाख का लोन स्वीकृत कराने के लिए बाबू ने १५ हजार रुपए की मांग की थी। जिनको तीन किश्तों में देना तय हुआ था। मंगलवार को तीन हजार रुपए देते समय रंगे हाथों लोकायुक्त की टीम ने बाबू को पकड़ लिया।
डेयरी संचालक विनोद सिंह गुर्जर ने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लोन के लिए ४ मार्च को आवेदन किया था। पिछले लंबे समय से बाबू देवेन्द्र गुप्ता चक्कर लगवा रहा था। किसी तरह पैसे लेकर लोन स्वीकृत करने को तैयार हो गया। पहले बीस हजार मांगे लेकिन १५ हजार में सौदा तय हो गया। इसमें भी तीन किश्तों में पैसे देना तय हुआ था। फरियादी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय ग्वालियर में शिकायत की। उन्होंने फरियादी को बॉइस रिकॉर्डर दिया और बाबू के पास भेजा। चार सितंबर को फरियादी ने बाबू को दो हजार रुपए देते समय पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली। उसके आधार पर लोकायुक्त ने एफआइआर दर्ज कर ली और तीन हजार रुपए पावडर लगाकर फरियादी को दिए जो मंगलवार को देना तय हुआ था। लोकायुक्त की टीम बाहर खड़ी रही फरियादी उद्योग विभाग की ऑफिस में गया और तीन हजार रुपए जैसे ही बाबू को दिए और उसने पेंट में रुपए रखे उसी समय लोकायुक्त की टीम ने ऑफिस में दस्तक दी और बाबू को पकड़ लिया। पुलिस ने पैसे पेंट से निकलवाकर हाथ धुलवाए तो उसके हाथ रंग गए। लोकायुक्त ने मौके पर उसके खिलाफ कार्रवाई की। इस मौके पर लोकायुक्त की टीम में निरीक्षक बृजमोहन नरवरिया, निरीक्षक रानीलता नामदेव, निरीक्षक भरत किरार, निरीक्षक आराधना सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
लोन की राशि मिलने पर देने थे दस प्रतिशत एक्स्ट्रा .......
फरियादी विनोद गुर्जर ने बताया कि बाबू से १५ हजार के अलावा लोन की राशि मिलने पर दस प्रतिशत और देने की तय हुई है। वह इसलिए कि इस योजना में स्वीकृत लोन में सब्सिडी मिलती है। बाबू की उस सब्सिडी पर नजर थी।
कथन
- विनोद सिंह ने दो सितंबर को शिकायत की थी। इसकीदुग्ध डेयरी है, उसके लिए सात लाख के लोन के लिए एप्लाई किया था। बाबू ने १५ हजार रुपए मांगे थे। ५-५ हजार तीन किश्तों में देना तय हुआ था। चार सितंबर को बॉइस रिकॉर्डर दिया, उस दिन दो हजार रुपए देते रिकॉर्डिंग की गई। आज तीन हजार रुपए देते समय बाबू देवेन्द्र गुप्ता को पकड़ा गया है।
ब्रजमोहन नरवरिया, निरीक्षक, लोकायुक्त

Ashok Sharma
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