लोकायुक्त को लॉकर में कुछ नहीं मिला अब और एंगल से होगी जांच

- 2016 से लेखाधिकारी ने ऑपरेट ही नहीं किया था लॉकर
- अन्य बैंकों से मांगी खाता संचालन की पुरानी जानकारी

By: Ashok Sharma

Published: 22 Jul 2021, 10:06 PM IST


मुरैना. लोकायुक्त पुलिस ने नगर निगम के लेखाधिकारी संतोष शर्मा के व्यवसायिक बैंक स्थित लॉकर को खोला तो पता चला कि उसको २०१६ से ऑपरेट ही नहीं किया है। खबर है कि वर्तमान चालू लॉकर्स किसी अन्य बैंक में हो सकता है, उसके कागज व चाबी घर पर नहीं मिले हैं लेकिन लोकायुक्त इस दिशा में जानकारी कलेक्ट कर रही है। साथ ही लोकायुक्त और एंगल से भी जांच कर रही है।
यहां बता दें कि बुधवार की सुबह लोकायुक्त पुलिस ने लेखाधिकारी के घर छापामार कार्रवाई की थी। उस दौरान तीन मकान, तीन कार, ८.४३ लाख रुपए नगद, बैंक खातों में ४८ लाख और १५.५० लाख के सोने के जेवर और एक लॉकर के कागज मिले थे। चूंकि बुधवार को ईद की छुट्टी थी इसलिए बैंक बंद रहीं। लोकायुक्त टीम सुबह छह बजे से रात साढ़े आठ बजे तक लेखाधिकारी के घर जांच करती रही। उसके बाद ग्वालियर चली गई। गुरुवार की सुबह व्यवसायिक बैंक पहुंचकर लॉकर को खोला गया और बैंक में चेक किया तो पता चला कि वर्ष २०१६ से लॉकर को ऑपरेट ही नहीं किया है। अब लोकायुक्त और एंगल पर जांच कर रही है। अन्य बैंकों के जो खाते थे उनके पुराने लेनदेन की जानकारी बैंकों से चाही गई, इसके लिए बैंकों को पत्र जारी किए गए हैं।
बेटी की शादी में हुए खर्च की होगी जांच...........
लेखाधिकारी संतोष शर्मा ने दो ढाई महीने पहले लडक़ी की शादी बालीजी पैलेस की थी। उसमें भी बड़े स्तर पर पैसा खर्च किया गया था। लोकायुक्त अब शादी में हुए खर्च का ब्यौरा भी एकत्रित करेगी। उसमें गार्डन का किराया, हलवाई और अन्य सामान पर जो खर्च हुआ, उसको भी जोड़ा जाएगा।
१६ से २० प्रतिशत कमीशन लेकर भुगतान करता था लेखाधिकारी.......
लोकायुक्त पुलिस को घर से ३५ लाख का बिल व्हाउचर मिले हैं वह गोशाला में भूसा के भुगतान का बताया गया है। अक्सर भुगतान करने के एवज में १५ से २० प्रतिशत कमीशन लेता था संभवतह इसी के चलते भूसा का बिल घर पर रखा था। लोकायुक्त का कहना हैं कि बिल को घर पर नहीं रख सकते अगर बिल पास हो गया तो उसको ऊपर बढ़ा देना था, घर रखने का क्या औचित्य था। इस ऐंगल पर भी जांच की जा रही है ।
जितनी सम्पत्ति की शिकायत, उतनी ही मिली घर पर .......
लोकायुक्त में लेखाधिकारी के पास जितनी सम्पत्ति होने की फरियादी ने शिकायत की, उतनी ही सम्पत्ति मिली है, उससे अधिक कुछ नहीं मिला है। सिर्फ ३५ लाख का व्हाउचर जरूर अलग है। चर्चा है कि लेखाधिकारी को लोकायुक्त में शिकायत होने की सूचना मिल चुकी थी और फरियादी को सेट कर लिया है इसलिए घर पर वही सामान मिला है जिसका शिकायत में हवाला दिया है। हो सकता है अन्य सामान पहले ही घर से हटा दिया हो। क्योंकि कारोड़ों रुपए की सीवर लाइन शहर में डाली गई, उसका कमीशन ही देखें तो काफी रुपए होते हैं। इसके अलावा लेखाधिकारी के कार्यकाल में अन्य करोड़ों के भुगतान हो चुके हैं।
व्यवसायी से पार्टनरशिप की भी जांच करेगी लोकायुक्त ..........
लेखाधिकारी की शहर के एक नामी गिरामी व्यवसायी जो कि अधिकारी व नेताओं के खासमखास माने जाते हैं, के साथ प्रॉपर्टी के काम में पार्टनरशिप बताई गई है। लोकायुक्त इस एंगल पर भी जांच कर रही है। खबर है कि उक्त व्यवसायी लोकायुक्त की रेड के दौरान किसी तरह लेखाधिकारी के घर पहुंच गया था बाद में लोकायुक्त को पता चला तो व्यवसायी को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
कथन
- लेखाधिकारी के लॉकर में तो कुछ नहीं मिला लेकिन और एंगल पर जांच की जा रही है। ढाई महीने पहले लडक़ी शादी बालाजी पैलेस की थी, उसमें हुए खर्च और घर पर मिले ३५ लाख के गोशाला के भूसा के बिल की जांच की जा रही है। लेखाधिकारी १५ से २० प्रतिशत कमीशन लेकर बिल का भुगतान करता था संभवतह गोशाला के भूसा का बिल भी इसी के चलते घर ले जाया गया। जबकि बिल को घर नहीं ले जा सकता, उसको ऊपर बढ़ाना था। अभी जांच जारी है।
संजीव सिन्हा, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त

Ashok Sharma
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