2 साल पहले बने नए माल गोदाम का नहीं हो रहा उपयोग

शहर से भारी वाहनों के आवागमन से बनी रहती है हादसों की आशंका

By: rishi jaiswal

Published: 17 Jun 2020, 09:05 AM IST

मुरैना. शहर में भारी यातायात का दबाव कम करने के लिए बनाए नए माल गोदाम का लाभ रेलवे और शहर को नहीं मिल रहा है। यह नया माल गोदाम करीब 2 साल पहले बनकर तैयार हो चुका है। इसके बावजूद भारी वाहनों का आना-जाना शहर से ही हो रहा है। पुराने माल गोदाम का उपयोग बंद नहीं हो रहा है इसलिए इस यात्री प्लेटफॉर्म के तौर पर उपयोग की कार्ययोजना भी अमल में नहीं आ पा रही है।
उत्तर से दक्षिण तक रेल मार्ग से जुड़े मुरैना में मालगाडिय़ां आती-जाती रहती हैं। यहां मुर्गीदाना, सरकारी गेहंू, चावल, खाद आदि की रैक आती-जाती रहती है। लोडिंग-अनलोडिंग के समय भारी वाहन शहर से होकर ही गुजरते हैं। इससे न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि हादसों की आशंका भी बनी रहती है। इसे देखते हुए तीन साल पहले वर्तमान माल गोदाम से करीब 800 मीटर दूर शिकारपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास करीब 4 करोड़ रुपए खर्च कर नया माल गोदाम बनवाया गया है। इसके लिए स्पेशल रेलवे ट्रैक बिछाया गया और विद्युतीकरण कार्य भी कराया गया। इसके बाद लंबे समय तक इसका उपयोग नहीं हो पाया। अब उपयोग तो हो रहा है, लेकिन पूरी तरह नहीं।

नई जगह पर बुनियादी सुविधाएं नहीं
शिकारपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास बने माल गोदाम पर बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। इसमें ट्रैक से सटा प्लेटफॉर्म न होने, बिजली के साथ पीने के पानी की भी समस्या है। बारिश और गर्मी के दिनों में भी यहां श्रमिक काम नहीं कर पाते हैं। नए माल गोदाम पर टीन शेड भी नहीं है। ऐसे में माल लोडिंग-अनलोडिंग करने पर चोरी होने की आशंका अधिक रहेगी।

सडक़ भी एक बड़ी समस्या
नए माल गोदाम के लिए शहर से जाने वाले वाहनों को सुलभ रास्ता उपलब्ध नहीं है। पुल के पास से जो रास्ता शिकारपुर रेलवे क्रॉसिंग तक जाता है वह जर्जर है। बारिश में यहां से पैदल व दो पयिा वाहनों से भी निकलना मुश्किल हो जाता है। शहर में खाद, गेहूं, मुर्गी दाना, सरसों तेल आदि की रैक लोडिंग-अनलोडिंग होती रहती है इसलिए वाहनों का शहर में आना-जाना जारी रहता है।

यात्री प्लेटफार्म की तरह उपयोग नहीं
मुरैना रेलवे स्टेशन पर कुल 4 प्लेटफार्म हैं। इनमें से 3 का उपयोग यात्री ट्रेनों के लिए होता है और चौथा केवल माल गाडिय़ों के लिए है। आपात स्थिति में 3 नंबर को माल गाड़ी और 4 नंबर को भी यात्रियों के लिए उपयोग करते हैं, लेकिन आगे का प्लान है कि 4 नंबर प्लेटफार्म का भी यात्रियों के लिए उपयोग किया जाए। इसलिए नया माल गोदाम बनाया गया है, लेकिन व्यावहारिक रूप से लागू नहीं हो पा रहा है।

फैक्ट फाइल
-40 के करीब यात्री ट्रेन के स्टॉपेज हैं मुरैना में।
- 10 हजार के करीब लोग आवागमन करते हैं सामान्य दिनों में।
- 100 साल के करीब पुराना है मुरैना रेलवे स्टेशन।

कथन-
नया माल गोदाम तो बन चुका है, वहां कुछ सुविधाओं की कमी है। प्रयास
वरिष्ठ स्तर से जारी हैं। सुविधाएं उपलब्ध होते ही उसका पूरा उपयोग शुरू हो जाएगा। वहां छाया, पानी और बिजली की समस्या है।
एससी वर्मा, रेलवे स्टेशन मास्टर, मुरैना

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