जितने पंजीयन उतने प्रसव नहीं, इसका मतलब-गर्भपात जारी है-कलेक्टर

जिले में गर्भवती महिलाओं की पंजीकृत संख्या के अनुपात में संस्थागत प्रसव नहीं होने को कलेक्टर बी कार्तिकेयन ने गर्भपात से जोड़ते अधिकारियोंं को आड़े हाथ लिया। हाईरिस्क प्रसव की जानकारी न दे पाने पर सीएमएचओ डॉ. आरसी बांदिल, डीएचओ डॉ. अनुभा माहेश्वरी व डॉ. पद्मेश उपाध्याय का दो-दो दिन का वेतन काटने के नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

By: Ravindra Kushwah

Updated: 05 Feb 2021, 12:40 PM IST

मुरैना. गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर कार्तिकेयन ने कहा कि जिले में जितनी गर्भवती महिलाओं का पंजीयन हो, प्रसव भी उतने ही होने चाहिए। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है, इसका मतलब भ्रूण परीक्षण और गर्भपात हो रहा है। कलेक्टर ने कहा है कि जिले में गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत पंजीयन हो, उसके बाद उनकी किस महीने में डिलेवरी होनी है, इस प्रकार की जानकारी प्रत्येक एएनएम, आशा के पास होनी चाहिए। इस कार्य में बीएमओ गति लाएं। गर्भवती महिलाओं का पंजीयन और प्रसव शत-प्रतिशत होना चाहिए। प्रसव चाहे शासकीय अस्पताल में हो या निजी नर्सिंग होम में।
पहाडग़ढ़ में 54 और पोरसा में 81 हाईरिस्क महिलाएं
जिले में हाईरिस्क वाली महिलाएं पहाडग़ढ़ में 54 और पोरसा में 81 सामने आई हैं। यह संख्या पहाडग़ढ़ में 2747 में ये और पोरसा में 3701 महिलाओं में से चयनित की गई हैं। कलेक्टर ने कहा कि हाईरिस्क वाली महिलाओं का जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास हमें करना होगा। जिले में 18 हजार 635 हाइरिस्क महिलाएं जिनकी मॉनीटरिंग करनी है। जिन्हें समय-समय पर चिन्हित करना है। जिले में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की मृत्युदर में कमी लाने के लिए सभी प्रयास हमें ही करने होंगे। क्षेत्र भ्रमण के दौरान पंजी संधारित नहीं करने वाले कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की जाएगी। 7 प्रतिशत से कम ब्लड गर्भवती महिलाओं के लिए रक्त का प्रबंध करने के लिए कैंप लगवाने पर भी जोर दिया।
अंबाह, जौरा व सबलगढ़ में बनेंगे आइसीयू
कलेक्टर ने कहा कि अंबाह, सबलगढ़ व जौरा में आइसीयू शुरू किए जाने हैं। इसके लिए आवश्यक प्रशिक्षण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराएं। मलेरिया, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन, फेमिली प्लानिंग पर भी समीक्षा की।
सात हजार को जननी सुरक्षा योजना का भुगान नहीं
जिले में 7 हजार 101 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत भुगतान नहीं हो पा रहा है। कलेक्टर ने ब्लॉकवार आंकड़े तैयार कर बीएमओ से प्राथमिकता के आधार पर निराकरण के निर्देश दिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंद का पुरा, धनेला का मार्च अंत तक काम पूरा कराने के निर्देश दिए। बानमोर में निर्माणाधीन ५० बिस्तर के अस्पताल भवन का कार्य भी मार्च के अंत तक पूरा कराने पर जोर दिया गया। ग्राम मई, बघरौली गांव मेंं स्वास्थ्य केंद्र के लिए स्थल चयन कराने के निर्देश सीएमएचओ को दिए।

Ravindra Kushwah
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