स्कूल वाहनों पर हों महिला कंडक्टर, संचालक बोले यह मुश्किल

Mahendra Rajore

Publish: Sep, 17 2017 12:34:16 (IST)

Morena, Madhya Pradesh, India
स्कूल वाहनों पर हों महिला कंडक्टर, संचालक बोले यह मुश्किल

स्कूल वाहनों के ड्रायवर व हेल्पर सहित शिक्षकों का भी पुलिस वेरिफिकेशन कराने पर जोर

मुरैना. हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक निजी स्कूल में मासूम बालक की हत्या के बाद शिक्षण संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा के इंतजामों पर जोर दिया जाने लगा है। इसी सिलसिले में यहां पुलिस अधिकारियों ने निजी स्कूल संचालकों की बैठक ली और उनसे कहा कि वे अपने स्कूल वाहनों पर पुरुषों की जगह महिला कंडक्टर नियुक्त करें। हालांकि अधिकांश स्कूल संचालकों ने इसे व्यावहारिक तौर पर कठिन बताया।


शनिवार को सुबह पुलिस कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा अहम है। इसलिए बच्चों को घर से स्कूल लाने और स्कूल से घर ले जाने वाले वाहनों पर महिला कंडक्टर नियुक्त की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इस संबंध में सर्कुलर भी आने को है। इस पर स्कूल संचालकों ने कहा कि यह काम बहुत मुश्किल है, क्योंकि महिलाएं तो सामान्य कामकाज के लिए भी कठिनाई से मिलती हैं। कुछ स्कूल संचालकों ने कहा कि उनके यहां वाहनों के साथ एक लेडी टीचर जरूर चलती है। इस पर एएसपी ने बोले कि यह विकल्प भी ठीक है। एएसपी ने कहा कि वाहनों के ड्रायवर, हेल्पर सहित शिक्षकों का भी पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाना चाहिए। इसके लिए स्कूल संचालक वाहन स्टाफ व शिक्षकों की सूची पुलिस को सौंपें। पुलिस उनका वेरिफिकेशन करेगी। बैठक में सीएसपी एसएस तोमर, डीएसपी यातायात हरिवंश कन्हौआ, टीआईसिविल लाइंस अजय चानना, स्टेशन रोड थाना प्रभारी भूमिका दुबे सहित शहर के कई बड़े-छोटे निजी स्कूलों के संचालक शरीक हुए।


दिए गए ये सुझाव भी


सभी निजी स्कूलों के मुख्य द्वार पर सीसी टीवी कैमरे लगवाए जाएं, ताकि आने-जाने वाले लोग निगरानी में रहें।
स्कूल वाहनों में ओवरलोडिंग कतई न हो। वाहन जितनी सवारी से पास हो, उतने ही बच्चे बिठाए जाने चाहिए।
जहां तक संभव हो सके, निजी स्कूलों में बच्चों, शिक्षकों व अन्य लोगों के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए जाएं।
यदि स्कूल के पास शराब की दुकान हो तो सूचित करें। उन्हें कहीं और शिफ्ट कराने का प्रयास किया जाएगा।
यदि स्कूल का कोई बच्चा लगातार असामान्य हरकतें कर रहा हो तो शिक्षक उसकी काउंसलिंग कराएं।
अगर १८ वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा बाइक या स्कूटर लेकर स्कूल आता है तो उसे समझाया जाना चाहिए।
स्कूल वाहनों के सभी तरह के दस्तावेज अपडेट हालत में हों और चेकिंग के दौरान उन्हें प्रस्तुत किया जाए।


स्कूल संचालकों ने कहा रेत से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली से हादसे की आशंका


बैठक में स्कूल संचालकों ने भी पुलिस अधिकारियों को अपनी व्यावहारिक समस्याएं बताईं। एक स्कूल संचालक ने कहा कि रेत से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली अक्सर स्कूलों के आसपास से निकलते हैं। इनकी वजह से हादसों की आशंका रहती है। तुस्सीपुरा के सरकारी स्कूल के एक शिक्षक ने कहा कि उनके स्कूल भवन में रोज सुबह शराब की बोतलें पड़ी मिलती हैं। एक संचालक ने स्कूलों के आसपास असामाजिक तत्वों की सक्रियता पर भी चिंता जताई।


सुस्त पड़ा निर्भया मोबाइल का गश्त


बैठक में कुछ स्कूल संचालकों ने निर्भया मोबाइल दस्ते की सक्रियता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिन से निर्भया टीम नजर ही नहीं आ रही है। जबकि कुछ माह पहले तक यह दस्ता नियमित रूप से गश्त पर रहता था। इस पर अधिकारियों कहा कि वे गश्त की व्यवस्था को चुस्त बनाएंगे। एएसपी, सीएसपी, डीएसपी यातायात सहित शहर के तीनों थाना प्रभारियों के नंबर भी स्कूल संचालकों को उपलब्ध कराए गए और कहा गया कि किसी भी अप्रिय स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।

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