गर्मी शुरू होते ही फिर उपजा पेयजल संकट

फिलहाल रामपुरकलां क्षेत्र के कुछ ही गांवों में जल परिवहन किया जा रहा है। बताया गया है कि रामपुरकलां क्षेत्र की कुछ पंचायतां में ३० अप्रैल तक पानी का परिवहन किया गया था। लेकिन अब यह सुविधा बंद कर दी गई है।

By: rishi jaiswal

Published: 05 May 2020, 11:30 AM IST

रामपुरकलां. हमेशा की तरह इस वर्ष भी गर्मी का मौसम शुरू होते ही रामपुरकलां क्षेत्र के गांवों में पानी की किल्लत होने लगी है। ट्यूबवेलों में पानी का स्तर नीचे चला गया है और हैण्डपंप भी जवाब देने लगे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

रामपुरकलां क्षेत्र में गर्मियों के मौसम में पानी का संकट हर साल उत्पन्न होता है। प्रशासन अब तक जल परिवहन के जरिये लोगों की जरूरत पूरी करता रहा है, लेकिन इस वर्ष सभी गांवों में यह सुविधा भी शुरू नहीं की गई है।

फिलहाल रामपुरकलां क्षेत्र के कुछ ही गांवों में जल परिवहन किया जा रहा है। बताया गया है कि रामपुरकलां क्षेत्र की कुछ पंचायतां में ३० अप्रैल तक पानी का परिवहन किया गया था। लेकिन अब यह सुविधा बंद कर दी गई है।

वहीं सलेमपुर, वेरखेड़ा, रुनघान खालसा, जलालगढ़ आदि पंचायतो में पेयजल परिवहन की कोई व्यवस्था फिलहाल सुनिश्चित नहीं की गई है। ऐसे में हजारों ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

लोग अपने स्तर पर जैसे-तैसे पानी का इंतजाम कर रहे हैं। इसके लिए जल स्त्रोतों के असपास लोगों का हुजूम नजर आने लगा है। पानी के लिए लोगों की भीड़ उमडऩे से फिजिकल डिस्टेंस के नियम का उल्लंघन भी हो रहा है।

जल संकट की जानकारी प्रशासन को भी है, लेकिन इसके निराकरण हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाने की जरूरत अभी तक महसूस नहीं की गई हैै।

चार साल में नहीं बना स्टाप डेम

रामपुर कलां कुंवारी नदी के जारोली घाट पर स्टॉप डेम का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण रामपुरकलां क्षेत्र में पानी के संकट का निराकरण नहीं हो पा रहा है।

बता दें कि स्टाप डेम का निर्माण कार्य चार साल पहले शुरू कराया गया था। लेकिन विभिन्न कारणों से यह काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। ग्रामीण कई बार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष यह मांग उठााते रहे हैं, लेकिन इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया
आंदोलन भी बेअसर साबित हुए।

रामपुरकलां क्षेत्र में पेयजल संकट के निराकरण हेतु समय-समय पर आयोजित आंदोलन भी बेअसर साबित हुए हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन साल के भीतर यहां दो बड़े आंदोलन हो चुके हैं।

अभी हाल ही में रामपुरकलां क्षेत्र के लोगों ने कई दिन तक धरना दिया और फिर एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा कई दिन तक भूख हड़ताल भी की गई।

लेकिन इस बार भी आंदोलन कोरा आश्वासन देकर खत्म करा दिया गया। पेयजल संकट पर प्रशासनिक रुख को लेकर यहां के लोगों में बेहद आक्रोश है।

8 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कलेक्टर आदेश पर टैंकरों के द्वारा पानी का परिवहन कुछ क्षेत्रों में कराया था। पानी की समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायतें टैंकरों के माध्यम से पानी परिवहन की मांग कर रही है उन मांग पत्रों को एसडीएम मंजूरी के लिए भेजेंगे। वहां से मंजूरी मिलने के बाद ही पानी का परिवहन किया जा सकता है।

एमपी सिंह, जनपद सीईओ, सबलगढ़

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