ऑनलाइन शिक्षा बनी महज खाना पूर्ति

35 प्रतिशत शिक्षकों ने भी दर्ज नहीं कराई जानकारी, कैसे पढ़ेंगे बच्चे

By: rishi jaiswal

Updated: 05 Sep 2020, 11:45 PM IST

रवींद्र सिंह कुशवाह. मुरैना. कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा पर सरकार का पूरा जोर है, लेकिन शिक्षक इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं। कुछ शिक्षक तो बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन 70 प्रतिशत शिक्षक इससे बच रहे हैं। परिणाम यह हो रहा है कि प्रदेश की समीक्षा में जिला 35 प्रतिशत से भी कम प्रदर्शन करने करने वालों में शामिल किया गया है। स्कूलों की स्थिति मे तो एक माह में 4 प्रतिशत का सुधार आया है, लेकिन एम शिक्षा मित्र एप पर दर्ज कराने की शिक्षकों की स्थिति में महज 1.1 प्रतिशत का ही सुधार आ पाया है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा महज खानापूर्ति दिखाई पड़ती है। शिक्षक तो इसमें भागीदारी से कतरा ही रहे हैं, अधिकारी भी मॉनिटरिंग व कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।

जिले में 1.90 लाख बच्चे मिडिल तक के दर्ज

जब हमारा घर हमारा विद्यालय योजना में शिक्षकों पर भागीदारी पर जोर दिया गया तो नेतागिरी करने वाले संगठनों ने कोरोना संक्रमण की स्थिति में जिम्मेदारी का सवाल उठाकर अधिकारियों की बोलती बंद कर दी थी। इसका फायदा अब तक उठाया जा रहा है। ग्रामीण अजब सिंह कहते हैं कि हमारे गांव में तो शिक्षक आ रहे हैं लेकिन 10-12 बच्चों को पढ़ाने से काम कैसे चलेगा। जबकि जिले में मिडिल तक ही 1.90 लाख के करीब बच्चे स्कूलों में दर्ज हैं। ऑनलाइन शिक्षा मामले में दयनीय स्थिति को अधिकारी डेटा अपडेट नहीं न हो पाने की बात कहकर छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले माह जानकारी दर्ज करने वाले कुल शिक्षक 5121 थे जो अब 6919 हो गए हैं। एक माह में जानकारी दर्ज कराने वाले शिक्षकों के प्रतिशत में महज 0.6 प्रतिशत का सुधार आया है। यह स्थिति ऑनलाइन शिक्षा के लिहाज से चिंताजनक है। सेवानिवृत शिक्षक रामकुमार शर्मा कहते हैं कि जब शिक्षक घर- घर जाकर ही पढ़ा रहे हैं तो ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन भी पढ़ा सकते हैं। गांव के बच्चे अब भी ऑफलाइन शिक्षा में ही सहज महसूस करते हैं।

१६ जिलों के स्कूलों की

स्थिति प्रदेश में खराब

प्रदेश के 16 जिले ऐसे हैं जहां 35 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों से एक भी शिक्षक ने एम शिक्षा मित्र पोर्टल पर जनकारी दर्ज नहीं कराई है। इनमें अलीराजपुर 57, आगर मालवा 50, मुरैना 46, देवास 46, निवारी व विदिशा 44-44,बुरहानपुर व रतलाम 43-43, बड़वानी-शिवपुरी 40-40 प्रतिशत, खरगोन-धार 39-39, टीकमगढ़ 38, श्योपुर व जबलपुर 36-36 एवं मंदसौर 35 प्रतिशत शामिल हैं।

आंकड़ों में समझे योजना के प्रति शिक्षकों की गंभीरता

कुल स्कूल वर्तमान एक माह पूर्व

2104 2213

जानकारी दर्ज 1129 1039

प्रतिशत 53.9 46.9

जानकारी दर्ज 995 1174

न करने वाले स्कूल

प्रतिशत 46.3 53 1

कुल शिक्षक 6919 5121

जानकारी दर्ज 2119 1537

शिक्षक

जानकारी दर्ज 30.6 30.0

करने वाले शिक्षक प्रतिशत

जानकारी दर्ज 4916 3584

करने वाले शिक्षक

जानकारी दर्ज कराने 71.1 70. 0

वाले शिक्षकों का प्रतिशत

आंकड़ों का स्रोत शिक्षा विभाग का पोर्टल

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