जन सुनवाई दिलाएगी सपना के बेटे को आंखों की रोशनी

जन सुनवाई दिलाएगी सपना के बेटे को आंखों की रोशनी

Mahendra Rajore | Publish: Jun, 14 2018 11:00:00 AM (IST) Morena, Madhya Pradesh, India

पांच हजार रेडक्रॉस से तुरंत दिए, एम्स का एस्टीमेट मिलने पर सरकार उठाएगी खर्च

मुरैना. 13 वर्षीय बेटे की आंखों की रोशनी न होने से परेशान सपना सिकरवार को मंगलवार को उम्मीद की किरण दिखाई दी। कलेक्टर भरत यादव की जानकारी में यह मामला आया तो उन्होंने सपना को आस्वस्त किया कि बेटे की आंखों में रोशनी लाने के लिए उपचार पर जो भी खर्च होगा वह सरकार वहन करेगी। इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। तात्कालिक मदद के तौर पर कलेक्टर ने रेडक्रॉस से सपना को पांच हजार रुपए की मदद उपलब्ध कराई।
गणेशपुरा में आदर्श स्कूल के पास अंतोबाई की गली निवासी सपना सिकरवार के 13 साल के बेटे की आंखों में रोशनी नहीं है। आर्थिक तंगी के कारण वह उपचार नहीं करवा पा रही है। मंगलवार को सपना कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुंची। कलेक्टर भरत यादव स्वयं उसके पास चलकर पहुंचे। चर्चा की तो बेचारगी में महिला की आंखों से आंसू बह निकले। कलेक्टर ने मानवीय दृष्टिकोण से महिला से बेटे की बीमारी के बारे में पूछा। उसने बताया कि स्थानीय चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उपचार में असमर्थता व्यक्त की है। उन्होंने दिल्ली के एम्स में परीक्षण की सलाह दी है। बकौल सपना वह किराए से रहकर जैसे-तैसे पेट भर पा रही है। ऐेसे में उपचार करवा पाना संभव ही नहीं है। कलेक्टर ने तुरंत ही रेडक्रॉस सोसाइटी से महिला को पांच हजार रुपए का चैक भेंट किया। कलेक्टर ने कहा कि वह बच्चे की रेटिना संबंधी जांच करवा ले। ऑपरेशन की आवश्यकता हो तो उसका नंबर लगवाएं। जब तक ऑपरेशन का नंबर आएगा तब तक उसका बीपीएल कार्ड भी बनवा दिया जाएगा।
भाई करता है मारपीट, मकान में हिस्सा भी नहीं दिया
मुरैना. अंबाह के रूंद का पुरा निवासी युवक ने अपने छोटे भाई के खिलाफ जनसुनवाई में एसपी को आवेदन दिया है। आवेदन में कहा गया है कि भाई उसकी मारपीट करता है और पिता से मिलकर मकान को अपने नाम करा लिया है। बनवारीलाल सखवार ने बताया कि छोटा भाई वीर सिंह उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था और पिता के साथ मिलकर मारपीट भी करता था। इसलिए वह अपनी पत्नी को लेकर अंबाह में रहने लगा। लेकिन वीर सिंह वहां आकर भी मारपीट करता रहा है। बकौल बनवारी अब वह ग्यासीपुरा में रह रहा है। उसका भाई गुजरात में काम करता है, लेकिन जब भी वहां से आता है तो उसकी मारपीट करता है। यहां तक कि उसने मकान भी अपने नाम करा लिया है। बनवारी ने बताया कि वह कई बार थाने में गुहार लगा चुका है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं की जा रही है।

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