कार्रवाई से गिरा पुलिस जवानों का मनोवल

लॉक डाउन में अब नहीं बरत पुलिस सख्ती


मुरैना. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप देश भर में लॉक डाउन है। इसी लॉक डाउन का उल्लंघन करने वालों पर मुरैना शहर में पुलिस उप निरीक्षक व आरक्षक ने सख्ती बरती और एक माननीय के परिवार के भाई पर हाथ उठा दिया इसलिए पुलिस अधीक्षक ने उप निरीक्षक व पुलिस आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया। यहां जनता पर माननीय का सम्मान भारी पड़ा और अपनी ड्यूटी कर रहे दो जवानों को लाइन जाना पड़ा।
विदित हो कि मंगलवार को गोपीनाथ की पुलिया पर एक युवक घूम रहा था उसको पुलिस ने घर से बाहर निकलने का कारण पूछा तो वह पुलिस से यह कहकर गया कि अभी रुक जाओ, मैं तुमको देखता हूं और कुछ देर बाद एक माननीय के कथित भाई को लेकर वहां पहुंचा और पुलिस ने गलत व्यवहार किया। चूंकि पीएम व सीएम सहित वरिष्ठ अधिकारियों के ऐसे आदेश थे कि लॉक डाउन में सख्ती बरतनी हैं। इसी पर माननीय के कथित भाई से पुलिस का विवाद हो गया और पुलिस ने भी सख्ती बरती। इसको लेकर कुछ लोगों ने माननीय को पूरी घटना से अवगत कराया। फिर क्या था माननीय का फोन सीधे पुलिस कप्तान पर पहुंचा और उन्होंने तुरंत सिटी कोतवाली में पदस्थ उप निरीक्षक डी एस कुशवाह, आरक्षक वीरेन्द्र को लाइन अटैच करने के आदेश जारी कर दिए। जबकि वास्तविकता तो यह है सबसे पहले लाठी निरीक्षक स्तर के एक अधिकारी ने मारा था, उसके बाद अधीनस्थों ने उनको गाड़ी बैठाया और कोतवाली ले गए।
पुलिस स्टाफ में कार्रवाई का खौफ, नहीं बरती सख्ती
मंगलवार को लॉकडाउन के दौरान सख्ती बरतने वाले दो पुलिस जवानों को लाइन अटैच करने से अन्य पुलिस स्टाफ में कार्रवाई का खौफ दिखा। इसी का परिणाम हैं कि बुधवार को शहर में पुलिस ने सख्ती नहीं बरती। जिसको जहां जाना था, जब जाना था, तब गया और शहर में आसानी से भ्रमण करता। यहां तक शहर के कुछ हिस्सों में भीड़ भी दिखी लेकिन पुलिस सिर्फ एनाउंसमेंट करती नजर आई किसी के खिलाफ सख्ती नहीं बरती।
इसके खिलाफ कौन करेगा कार्रवाई
एक तरफ अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से कर रहे पुलिस जवानों पर कार्रवाई करते हुए लाइन अटैच कर दिया लेकिन यातायात पुलिस के साथ एक प्रायवेट व्यक्ति पूरे शहर में पुलिस से ज्यादा सख्ती बरत रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई कौन करेगा। यह व्यक्ति यातायात पुलिस के हर काम में अग्रणी रहता है फिर चाहे गाड़ी पकडऩे का कार्य हो या फिर कोई अन्य दायित्व हो। लॉक डाउन के दौरान ओवरब्रिज चौराहे पर यातायात पुलिस खड़ी रही इस बंदे ने राहगीरों पर खूब लाठियां बरसाईं।
कथन
- उप निरीक्षक व आरक्षक को लाइन अटैच करने के मामले की हमको जानकारी नहीं हैं। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से बात करिए। पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाने का काम पुलिस अधीक्षक ही करेंगे। उनको चिंता रहेगी कि किसी का मनोबल न गिरे।
डी पी गुप्ता, एडीजीपी, चंबल रेंज

Ashok Sharma
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