पेयजल परिवहन से अपनी आय बनाना चाहते हैं सरपंच

बंद नल जल योजनाओं को चालू कराने में 22 सरपंच रुचि नहीं ले रहे हैं। सरपंच पेयजल परिवहन कराना चाहते हैं ताकि उनकी आय का स्रोत बना रहे। लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। सीईओ जिला पंचायत ऐसे सरपंचों के विरुद्ध कार्रवाई करें और उनके पास उपलब्ध पैसा वापस लें। यह निर्देश कलेक्टर प्रियंका दास ने मंगलवार को पेयजल पर आयोजित समीक्षा बैठक में दिए।

By: Ravindra Kushwah

Published: 12 May 2020, 09:59 PM IST

मुरैना. कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गर्मी का सीजन देखते हुए नल जल योजनाओं का सर्वे किया जाए। जो योजनाएं बंद हैं उन्हें तुरंत चालू कराया जाए और जो सरपंच इसमें आनाकानी करें उनसे पैसा वापस लिया जाए। ऐसे सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। यह निर्देश कलेक्टर प्रियंका दास ने मंगलवार को पेयजल समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। जिले में 69 बंद नलजल योजनाओं में 47 पूर्ण हो चुकी हैं। शेष 22 नल जल योजनाओं पर काम चल रहा है। जहां सरपंच रुचि नहीं ले रहे हैं वहां अधिकारी वास्तविकता देखें और नल जल योजना चालू कराने का प्रयास करें। अम्बाह में 2, पोरसा में 2, जौरा में 2, मुरैना में 14 और सबलगढ़ की 2 ग्राम पंचायतों में सरपंच रुचि नहीं ले रहे हैं। समस्त जनपद सीईओ अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत अपूर्ण नलजल योजनाओं का सर्वे करें और चालू कराने की संभावनाएं देखें। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 47 नलजल योजनाएं चालू कराई जाएं। इनमें अम्बाह कीे 3, पोरसा की 1, कैलारस की 8, जौरा की 1, मुरैना की 23, सबलगढ़ की 11 न शामिल हैं। 20 मई तक खेड़ा मेवदा, मसूदपुर, कुथियाना, दोहरावली, पिपरेसवा, जखौना रायपुर, रिठौराकलां, केंथरी और चचिहा ग्राम पंचायतों की नल जल योजनाएं चालू हो जानी चाहिए। 25 मई तक सुजर्मा, हेतमपुर, करुआ, राजा का तोर, किशोरगढ़, रामपुरकलां, सांगोली, बहोरपुरा, माता बसैया, पिपरई, नावली बड़ागांव की योजनाएं चालू करानी हैं। आदि ग्राम पंचायत शामिल है। निर्माणाधीन २२ करोड़ दतहरा परियोजना में बताया गया कि 56 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि इसका काम सितंबर 2019 में ही पूरा करना था। कलेक्टर ने काम में देरी पर नाराजी जताई और जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए। दिसंबर 2020 तक काम पूरा न होने पर पुनरीक्षित प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा। परियोजना के तहत 12 टंकियों का निर्माण 78 प्रतिशत तक हो चुका है।
मुरैना जनपद में सीईओ को नोटिस
जनपद पंचायत मुरैना क्षेत्र में सर्वाधिक नल जल योजनाएं बंद होने पर कलेक्टर ने सीईओ सृष्टि भदौरिया को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कहां पुनरीक्षित प्रस्ताव की जरूरत है तो इसे २ दिन में भेजें।

Ravindra Kushwah
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