कांग्रेस नेता ने इन विधायकों को बताया गुमशुदा, ढूंढकर लाने वालों को हजारों का ईनाम घोषित

scindia join bjp congress leader and support in anger : सिंधिया समर्थकों ने विधायक बंगले पर जताई आस्था
, कांग्रेस ने विधायक के घर पर किया प्रदर्शन, धरना दिया।

मुरैना. ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल हो जाने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी दो धड़ो में बंटकर आमने-सामने आ गई है। बुधवार को सिंधिया समर्थकों ने जहां मुरैना विधायक के कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में सिंधिया को अपना नेता मानकर आस्था व्यक्त की। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी ने विधायक पर सरकार को गिराने के प्रयास करने का आरोप लगाते हुए उनके घर का घेराव व प्रदर्शन आंदोलन किया। विधायक के घर पर प्रदर्शन आंदोलन के दौरान स्थिति सामान्य रखने के लिए सीएसपी सुधीर सिंह कुशवाह के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया था। आस्था और प्रदर्शन आंदोलन के पहले बैंगलुरू में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में उनके समर्थकों ने हनुमान चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया।

विधायक के बंगले पर जुटे सिंधिया के समर्थक
मुरैना विधायक 15 दिन से भी अधिक समय से अपने क्षेत्र से बाहर हैं। लेकिन बुधवार को उनके समर्थकों ने सिंधिया के प्रति समर्थन जताया। विधायक के सरकारी आवास स्थित कार्यालय में जुटे समर्थकों ने कहा कि वे सिंधिया के हर आदेश का वे पालन करेंगे। समर्थन जताने के लिए तैयार किए गए मंच पर किसी पार्टी का नाम लिए बिना केवल ज्योतिरादित्य सिंधिया के फोटो वाला बोर्ड लगाया गया था। इस पर 'हमारा नेता-हमारा स्वाभिमान’ नारा लिखा गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के चित्र पर माल्याणर्पण के बाद शुरू हुई आस्था जताने की प्रक्रिया में डीसीसी में उपाध्यक्ष रहे राकेश गर्ग ने भाषण की शुरूआत की। गर्ग ने कहा कि वे 35 साल से सिंधिया परिवार के साथ राजनीति कर रहे हैं। यहां जुटे लोग भी उनके अनन्य अनुयायी हैं।

सिंधिया ने पार्टी छोड़ी, हमने भी छोड़ दी। अभी उन्होंने कोई निर्देश नहीं दिया है। लेकिन वे जहां कहेंगे, हम लोग वहां जाने को तैयार हैं। हम सिंधिया के साथ निष्ठा से जुड़े हैं। हम पद के लिए न पहले उनके साथ थे और न अब हैं। हम तो अपने और सिंधिया के सम्मान के लिए उनके साथ थे। हम सिंधिया और अपने सम्मान के लिए बलिदान देने को भी तैयार हैं। संचालन डीसीसी के उपाध्यक्ष रहे एडवोकेट रविप्रताप सिंह भदौरिया ने किया। इसके पहले मंच पर मौजूद लोगों ने सिंधिया के समर्थन में नारेवाजी की। मंच पर मोहनचंद बांदिल, कमल शांडिल्य, बनवारीलाल शुक्ला, पार्षद मीना सिकरवार, राजेंद्र शुक्ला, महेंद्र जैन, राजेंद्र कुशवाह, केडी दंडोतिया, तस्लीम खान, संजय मावई, संजय फक्कड़ आदि मौजूद रहे।

विधायक के घर किया प्रदर्शन, कहा वापस आओ
मुरैना विधायक रघुराज कंषाना के निवास पर धरना-प्रदर्शन आंदोलन कर कांग्रेस ने जिले के सभी 4 विधायकों से वापस आने की मांग की। जिलाध्यक्ष राकेश मावई ने कहा कि पैसा लेकर बैंगलुरू में बैठे विधायक चंबल के पानी का मान रखें और कांग्रेस का साथ दें। क्योंकि हजारों कार्यकर्ताओं की मेहनत से जनता ने उन्हें चुनकर भेजा था। लेकिन वे भाजपा में जाने को आतुर दिख रहे हैं, यह धोखा है। बसपा छोडक़र कांग्रेस में आए पूर्व विधायक बलवीर सिंह दंडोतिया ने भी विधायकों को चंबल के पानी की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि विधायकों ने चंबल के पानी को बदनाम किया है, पार्टी के साथ गद्दारी की है। लौट आओगे तो कांग्रेस में मान मिलेगा, वरना पछताना पड़ेगा।

दंडोतिया ने कहा कि इन विधायकों ने भ्रष्टाचार किया, अपने लेटरहेड बेचे हैं। अब कांग्रेस छोडक़र गए तो विधायक नहीं बन पाएंगे। दंडोतिया ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उन्हें भी विधायक रहते हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान खरीदने की कोशिश की गई थी। लेकिन हम बिके नहीं और विवेक तन्खा को समर्थन दिया। पूर्व विधायक ने सिंधिया के पूर्वजों पर भी निशाना साधा। पूर्वजों ने अंग्रेजों का साथ दिया था और वर्तमान में सिंधिया चोरों का साथ दे रहे हैं। लेकिन वे भाजपा में रह नहीं पाएंगे। या तो अलग पार्टी बनानी पड़ेगी अथवा वापस कांग्रेस में आना पड़ेगा। प्रदर्शन आंदोलन में प्रवक्ता राजेंद्र यादव, सुनील शर्मा, जितेंद्र घुरैया, मनीष उपाध्याय, प्रमोद शर्मा हुसैनपुर, ओमप्रकाश ठगेले, विक्रमराज मुदगल आदि मौजूद रहे।

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Gaurav Sen Desk
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