कहीं खाली स्कूल तो कहीं चार-छह बच्चे

कहीं खाली स्कूल तो कहीं चार-छह बच्चे

Mahendra Rajore | Publish: Apr, 17 2018 06:03:07 PM (IST) Morena, Madhya Pradesh, India

सरकारी स्कूलों में छात्र उपस्थिति की स्थिति बेहद कमजोर

मुरैना. वार्षिक परीक्षाओं के बाद शहर के सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति का आंकड़ा निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है। खासकर प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति न के बराबर दिखाई दे रही है। हालांकि स्कूलों में स्टाफ आ रहा है, लेकिन बच्चों की गैरहाजिरी के चलते कक्षाएं लगाने का काम औपचारिकता की तरह निपटाना पड़ रहा है।
सोमवार को तीन सरकारी स्कूलों में बच्चों की गैरहाजिरी की हकीकत सामने आई। तुलसी कॉलोनी स्थित शासकीय प्राइमरी स्कूल में सुबह 11 बजे स्टाफ तो मौजूद था, लेकिन सभी कक्षाओं में मिलाकर कुल 6 बच्चे आए थे, जिन्हें स्कूल की एक टीचर एक साथ बिठाकर पढ़ा रही थी। शिक्षकों ने बताया कि अभिभावकों को सूचना दिए जाने के बावजूद बहुत कम बच्चे स्कूल आ रहे हैं। इसी तरह चंबल कॉलोनी के सरकारी प्राइमरी स्कूल में सोमवार को एक भी बच्चा पढऩे नहीं आया था। लिहाजा वहां स्टाफ खाली बैठा हुआ था। इसी परिसर में शासकीय मिडिल स्कूल में महज चार बच्चे उपस्थित थे। जिन्हें एक टीचर पढ़ा रही थी। शिक्षकों का कहना था कि परीक्षाओं के बाद हर वर्ष लगभग यही स्थिति होती है। अमूमन बच्चे व अभिभावक यह मान लेते हैं कि छुट्टियां हो गई हैं। कुछ लोगों को पता भी है कि स्कूल खुल रहे हैं तो वे यह सोचकर बच्चों को नहीं भेजते कि विधिवत पढ़ाई तो जुलाई से शुरू होती है।
भोजन तक रुकते हैं बच्चे
कुछ सरकारी स्कूलों में प्राइमरी व मिडिल के बच्चे आ भी रहे हैं, लेकिन वे मध्यान्ह भोजन के बाद घर चले जाते हैं। शिक्षकों ने बताया कि सुबह के समय बच्चों की उपस्थिति कुछ अधिक रहती है, लेकिन इनमें से अधिकांश का उददेश्य स्कूल में आकर मध्यान्ह भोजन करना होता है। जैसे ही भोजन निपटता है, बच्चे बस्ता उठाकर घर चले जाते हैं। यही वजह है कि लंच टाइम के बाद गिने-चुने बच्चे रह जाते हैं।
गर्मी के मौसम का असर
स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति की वजह गर्मी के मौसम को भी माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अंचल का अधिकतम तापमान इन दिनों 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। सुबह आठ बजे के बाद ही कड़क धूप शुरू हो जाती है, इसलिए अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शिक्षकों का तो यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में बच्चों की संख्या और घट सकती है।
कथन
सरकारी स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति के बारे में हमने आयुक्त को भी सूचना दी है। वैसे यह बात एडमिशन तथा अन्य गतिविधियों का है, लेकिन अभी तो प्रवेश के लिए भी बच्चे बहुत कम आ रहे हैं।
आरजे सत्यार्थी, जिला शिक्षा अधिकारी

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