शिक्षकों ने एक स्वर में जताया रोष, बोले करेंगे आंदोलन

-काल्पनिक वेतनवृद्धि, एरियर व डीए पर रोक से होगा हर माह 10-12 हजार का नुकसान

By: rishi jaiswal

Updated: 31 Jul 2020, 08:46 PM IST

मुरैना. शिक्षकों के पदनाम संबंधी लंबित मांगों का जल्द निकराकरण नहीं हुआ तो मप्र शिक्षक संघ सरकार के विरुद्ध सडक़ों पर उतरेगा। शिक्षकों ने कहा कि काल्पनिक वेतनवृद्धि, एरियर व डीए पर रोक से हर माह 10-12 हजार का नुकसान उठाना पड़ेगा। यह बर्दाश्त नहीं होगा। पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित कार्यालय पर जिलाध्यक्ष डॉ. नरेश ङ्क्षसह सिकरवार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शिक्षा, छात्र, शिक्षक व सामाजिक हित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा कर निर्णय लिए गए। सहायक शिक्षकों को पदोन्नत नहीं करने पर शिक्षकों ने एक स्वर में आक्रोश जताया। सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए शिक्षकों ने कहा कि &5 साल के सेवाकाल में एक ही पद पर शिक्षक कार्य करने को मजबूर हैं। शिक्षको को पदनाम देने में सरकार नाकाम रही है। पदनाम न देकर शिक्षकों के आत्मसम्मान पर प्रहार किया जा रहा है। हर साल हजारों शिक्षक पदोन्नति के बिना सेवानिवृत्त हो रहे हंै। वहीं काल्पनिक वेतन वृद्धि , एरियर और डीए पर रोक से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के आर्थिक हितों पर कुठाराघात किया गया है। केंद्र के समान महंगाई भत्ता भी पहले से सरकार ने नहीं दिया है । इसके बाद वेतनवृद्धि, एरियर और डीए पर रोक से शिक्षकों को हर महीने 10-12 हजार का नुकसान हो रहा है। इससे प्रदेश के पांच लाख शिक्षकों में आक्रोश फैल रहा है।

अपना घर-अपना विद्यालय योजना से संक्रमण का डर

शिक्षक संघ ने सरकार की ‘अपना घर-अपना विद्यालय योजना’ के क्रियान्वयन क तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाया है। शिक्षकों ने कहा कि इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसकी वजह से शिक्षक लगतार संक्रमित हो रहे हैं। मप्र शिक्षक संघ ने इस योजना पर रोक लगाकर सिर्फ ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर दिया है। शिक्षकों ने स्वदेश वस्तुओं को बढ़ावा देने और चीन के सामान के बहिष्कार का भी निर्णय लिया।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान सितंबर में

शिक्षक संघ ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अ‘छा प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सितंबर के प्रथम सप्ताह में सम्मानित करने का निर्णय भी लिया। 5 अगस्त श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास पर दीपक जलाकर अभिनंदन करने का भी निर्णय लिया। शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष करने की मांग की गई है। इस सम्बंध में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। अध्यापकों ने दो माह से वेतन नहीं मिलने की वजह से आर्थिक परेशानी का मामला भी उठाया। विमलेश यादव, उमेश पाठक, सतंजय मिश्रा, रामावतार बागचीनी, रामबरन सिकरवार, रामस्नेही शर्मा, रामावतार सिंह चंबल, जगदीश शर्मा,राजेन्द्र शर्मा, रूप सिंह, नरेंद्र सिकरवार, रामसेवक शर्मा, कमलेश शर्मा, जगमोहन सेमिल, नारायणलाल सोस्वाल, देवेंद्र सिकरवार, रवेंद्र गुर्जर, राजेन्द्र शर्मा, राकेश शर्मा, जगदीश शर्मा मौजूद रहे।

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