इलाज के दौरान मरीज ने तोड़ा दम, हंगामा

- परिजन ने लगाया लापरवाही का आरोप

By: Ashok Sharma

Updated: 18 Jul 2021, 10:26 PM IST


मुरैना. जिला अस्पताल में रविवार की सुबह भर्ती कराए एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन का आरोप है इलाज में लापरवाही की गई है। मरीज अच्छाखास वार्ड में घूम रहा था, नर्स ने इंजेक्शन लगाया उसके बाद वह झटपटाया और पलंग से नीचे गिर गया, उसकी मौत हो गई। परिजन ने जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम, सीएसपी, शहर के तीनों थानों का फोर्स जिला अस्पताल पहुंचा और भीड़ को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। मृतक पक्ष के लोग चिकित्सक व नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार चंदन सिंह (५२) पुत्र देवहंश जाटव वार्ड नंबर 26 गोटे नगर उत्तमपुरा को पेट दर्द होने पर सुबह साढ़े छह बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बैठे डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने चंदन सिंह को मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती करवा दिया। परिजन सिस्टर के पास पहुंचे, सिस्टर ने आने में आनाकानी की तो परिजन वार्ड से मरीज को सिस्टर के पास लेकर पहुंचे। नर्स ने मरीज को भर्ती कर दिया। उसका इलाज चल रहा था। ११ बजे नर्स ने इंजेक्शन लगा दिया तो एक घंटे बाद दोपहर 12 बजे के करीब चंदन सिंह झटपटाते हुए पलंग से गिर पड़ा और वहीं दम तोड़ दिया। मृतक के बेटे अभिषेक व साले मनोज जाटव ने बताया कि नर्स ने इंजेक्शन लगाया उससे पहले चंदन सिंह ठीक थे और वार्ड में टहल रहे थे, पर इंजेक्शन लगने के बाद उनकी तबियत बिगडऩे के बाद मृत्यु हो गई। मृतक के परिजन का आरोप है कि इंजेक्शन गलत लगा दिया है, इसी के चलते उनकी मौत हुई है। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर परिजन ने हंगामा कर दिया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी व अस्पताल से सिविल सर्जन और कोतवाली, स्टेशन रोड व सिविल लाइन थाने पुलिस मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे तक अस्पताल में हंगामा होता रहा। अधिकारियों के समझाने के बाद शव को पीएम के लिए जाने दिया। सिविल सर्जन डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि मृतक का पीएम चिकित्सकों की टीम द्वारा किया गया है। पीएम की रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि किन कारणों से व्यक्ति की मौत हुई है।
इमरजेंसी इलाज सिर्फ मरीज की संतुष्टि के लिए............
इमरजेंसी में बैठने वाले चिकित्सक का इलाज सिर्फ अपने कक्ष तक ही सीमित हैं। मरीज आया, उससे परेशानी पूछी और पर्चा बनाकर अंदर वार्ड में भेज दिया। वहां मरीज की क्या स्थिति है, इमरजेंसी चिकित्सक को कोई लेना देना नहीं हैं। खासकर रविवार की सुबह भी यही हुआ। ड्यूटी चिकित्सक ने पर्चा बनाकर मरीज को अंदर भर्ती करने की बोल दिया, उसके बाद उसकी क्या स्थिति है, इससे इमरजेंसी ड्यूटी चिकित्सक का कोई सरोकार नहीं हैं। लेकिन होना ये चाहिए कि अगर मरीज गंभीर है तो चिकित्सक नहीं उठ पा रहे हैं तो वार्ड व्याय को भेजकर मरीज की स्थिति का पता करवाना चाहिए लेकिन ऐसा होता नहीं हैं।

Ashok Sharma
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