संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए भी है आंदोलन

- संघर्ष में किसानों की भागीदारी बढ़ाएंगे: सूबेदार सिंह
- कृषि कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा: विधायक

By: Ashok Sharma

Published: 20 Feb 2021, 09:37 PM IST

मुरैना. संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से देशभर में चलाए जा रहे आंदोलन की कड़ी में कैलारस में भी किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। यह महापंचायत कृषि विरोधी तीनों काले कानूनों की वापसी को लेकर आयोजित की गई। इसमें देश व प्रदेश के वरिष्ठ किसान नेताओं के साथ अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं, नेताओं ने भी भागीदारी की। किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश से आए वरिष्ठ किसान नेता अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय सचिव डॉ विक्रम सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने खेती को बर्बाद करने के लिए तीनों कृषि विरोधी काले कानून कोरोना की आड़ में बनाए हैं। इन कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसान लगातार संघर्ष कर रहे हैं 3 माह से ज्यादा का समय हो गया है। लाखों किसान दिल्ली की पांचों सीमाओं पर जमे हुए हैं। 250 से ज्यादा किसान साथी शहीद हो गए हैं। लेकिन मोदी सरकार कानूनों की वापसी के लिए तैयार नहीं है। किसान महापंचायत को पूर्व विधायक व समाजवादी नेता सूबेदार सिंह द्वारा संबोधित किया गया। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि हमें इस दायरे को और बढ़ाना है, यह चंबल की भूमि है, यह संघर्ष और कुर्बानियों की भूमि है, हमें इसकी गरिमा के अनुरूप संघर्ष को तेज करते हुए कानूनों की वापसी कराते हुए किसानों की जीत सुनिश्चित करना है। महापंचायत को सबलगढ़ विधायक एडवोकेट बैजनाथ कुशवाह ने संबोधित किया। उन्होंने कहा यह संघर्ष किसानों विरोधी कानूनों की वापसी के लिए तो है ही, लेकिन संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए भी है। उन्होंने दोहराया संविधान ही एकमात्र ऐसी पुस्तक जिसने हमें बराबरी का अधिकार दिया है। यह सरकार संविधान को खत्म करना चाहती है। लोकतंत्र को नष्ट करना चाहती है। हमें संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई भी लडऩी होगी। महापंचायत में मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष रामनारायण कुररिया ने संघर्ष के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह धरती मां की लाज को बचाने को संघर्ष है। हम उसकी अस्मत को नही लुटने देंगे। यह लड़ाई हम जरूर जीतेंगे। इसी क्रम में पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह ने कहा के हम किसानों की लड़ाई में हर संभव भागीदारी करेंगे और किसान संघर्ष आगे बढ़ाएंगे। किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक तिवारी, कांग्रेस जोरा ब्लॉक अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़, मुरारीलाल धाकड़, किसान कांग्रेस प्रमोद शर्मा, रामविलास धाकड़, राजाराम बंसल, केशव गोयनर, नाथूराम इंदौरिया, डॉ. दशरथ कुशवाहा, बृजमोहन मरैया, राजकुमार सिंघल, शम्मा कुरैशी, राष्ट्रीय किसान मोर्चा के सुमेर शाक्य, बहुजन समाज पार्टी के नंदलाल खरे, डॉ शरीफ कुरैशी, किसान नेता ओम प्रकाश श्रीवास विंदु कुरेशी, रामसिंह धाकड़, राम लखन धाकड़, केएन शर्मा, व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष राजेश गुप्ता, छात्र नेता राजवीर धाकड़, राजवीर धाकड़, युवा नेता नरेंद्र सिंह सिकरवार आदि ने संबोधित किया। राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार भरत कुमार के द्वारा प्रेषित किया गया। महापंचायत में कार्यक्रम का संचालन महेश प्रजापति ने किया।

Ashok Sharma
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