मुरैना में तीन और कोरोना पॉजीटिव

- शहर की दुर्गापुरी कॉलोनी और दो अंबाह के तीन गांव की सीमाएं सील कर लगाया कफ्र्यू

By: Ashok Sharma

Published: 12 May 2020, 09:43 PM IST


मुरैना.सोमवार को देर रात आई रिपोर्ट में मुरैना के तीन और कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। इनमें से एक मुरैना नगर के वार्ड ३५ दुर्गा पुरा कॉलोनी और दो अंबाह के बारे का पुरा और गुलाब पुरा के रहने वाले हैं। इन तीनों के परिजन और इनके संपर्क में आए रिश्तेदारों को अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। मुरैना में दुर्गापुरी और अंबाह के गुलाब पुरा, बरेह का पुरा और बगिया पुरा की सीमाएं सील कर कफ्र्यू लगाया गया हैं। अभी तक जिला अस्पताल में भर्ती नौ कोरोना पॉजीटिवों में से ४ का स्वास्थ्य ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया है। अब आठ पॉजीटिव ही आइसोलेट वार्ड में हैं।
मुरैना शहर की दुर्गा पुरी कॉलोनी निवासी रामप्रकाश राठौर ८ मई की रात अपने घर आया था। ९ मई की सुबह उसने जिला अस्पताल पहुंच कर जांच कराई। उसी दिन इसका सेंपल लिया गया था। लेकिन सेंपल लेने के बाद उसको घर पर ही होम क्वारंटीन किया गया। यह मकान के प्रथम तल पर बने कमरे में रह रहा था। रात को रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर इसको अस्पताल ले जाया गया। सुबह इसके परिजन को १०८ एम्बूलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। ब्रजेश श्रीवास निवासी बरेह का पुरा मौजा बरेह का ८ मई और अनिल सखवार का ९ मई को सेंपल अंबाह में ही लिया गया था। रात को आई रिपोर्ट में दोनों पॉजीटिव पाए गए। इनके परिजन व जिन रिश्तेदारों से संपर्क किया, उनको अंबाह अस्पताल में आइसोलेट किया गया है। वहीं बस्तियां सील कर दी हैं। चूंकि अनिल सखवार जिस रात को गांव आया था, उसी रात को अपनी बहन के यहां बगिया पुरा गया था इसलिए बगिया पुरा की भी सीमाएं सील की गई हैं और उसकी बहन व परिजन को भी हास्पीटलाइज्ड किया गया है।
कोई बस से तो कोई पैदल आया अपने घर
रामप्रकाश राठौर दिल्ली के एक होटल में खाना बनाने का काम करता था। दिल्ली से टे्रंन से छत्तरपुर पहुंचा वहां से बस से मुरैना बैरियर पर उतरा वहां से पैदल घर दुर्गापुरी कॉलोनी पहुंचा। इसी तरह बरेह का पुरा अंबाह का ब्रजेश श्रीवास अहदावाद सूरत में पत्थर की टाइल्स लगाने का काम करता था। वह दो मई को अपने साथी मनीष श्रीवास निवासी मुरैना के साथ ढाई सौ किली मीटर चलकर झाबुआ तक पहुंचा। वहां से पुलिस ने उनको बस में बैठा दिया। इसके साथ मुरैना खासखेड़ा निवासी विजय श्रीवास और उसका भानजा प्रदीप श्रीवास निवासी गोहद भिंड थी। लेकिन वह दोनों सूरत से झाबुआ तक साइकिल से आए। वहां से उन्होंने अपनी साइकिल बस पर रख लीं। विदित हो कि विजय श्रीवास और प्रदीप श्रीवास पूर्व में पॉजीटिव पाए गए, वह उपचाररत हैं। मैं जब से आया हंू तब से खेत पर पेड़ के नीचे रह रहा हूं, वहीं पर मेरे जीजा जीजी खाना लेकर पहुंचते थे, वही दूर से रखकर निकल जाते थे। सिर्फ नहाने घर जाता था। वहां भी मैं दूर प्लाट पर बैठकर नहाकर लौट जाता था। इसी तरह गुलाब पुरा निवासी अनिलल सखवार चार मई को घर आया और ६ मई को पोरसा में जांच कराई। ९ मई को अंबाह में सेंपल लिया गया। अनिल ने बताया कि वह सूरत में पत्थर घिसाई और नमकीन का काम करता था। बस से आया था, मेरे साथ दऊ पुरा के धर्मवीर कुशवाह, भरत, संतोष भी आए थे। वह भी अपने गांव चले गए। मैं अपने खेत पर बनी तिवरिया में रह रहा था। उसने बताया कि मेरा बड़ा लडक़ा व लडक़ी मामा के यहां छत्त का पुरा में हैं, मैं उनसे भी नहीं मिला।
दुर्गापुरी कॉलोनी से १३ लोगों को ले जाया गया अस्पताल
दुर्गापुरी कॉलोनी से रामप्रकाश राठौर के परिवार से १३ लोगों को १०८ एम्बूलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। उनमें दीपिका (०६) पुत्री अशोक, अनश (०६) पुत्र अशोक, संतोष (१०) पुत्र अशोक, अशोक (३०) पुत्र सुमेर सिंह, लक्ष्मी (३५) पत्नी भवूती, संजय (१६) पुत्र भवूती, सुघर सिंह (६५) राजाराम, भवूती (३८) रामजीलाल, दिशा (१६) पुत्री मोहर सिंह, स्वर्थी (१०) पुत्री रामप्रकाश, कमला (६०) पत्नी सुघर सिंह, बृंदावन (२०) पुत्री भवूती शामिल हैं।

Ashok Sharma
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